Wednesday , December 13 2017

मुज़फ़्फ़र नगर : तहक़ीक़ात का आग़ाज़, तालीम मुतास्सिर, रीलीफ़ कैंप में इजतिमाई शादी

बी जे पी ने हुकूमत उत्तरप्रदेश की जानिब से मुज़फ़्फ़र नगर फ़सादात‌ की तहक़ीक़ात के लिए एक रुक्नी पैनल की तश्कील की मुख़ालिफ़त की है जबकि उस नौईयत की तहक़ीक़ात एक कमीशन के ज़रिया करवानी चाहिए जिस की क़ियादत सुप्रीम कोर्ट के जज करते हूँ।

बी जे पी ने हुकूमत उत्तरप्रदेश की जानिब से मुज़फ़्फ़र नगर फ़सादात‌ की तहक़ीक़ात के लिए एक रुक्नी पैनल की तश्कील की मुख़ालिफ़त की है जबकि उस नौईयत की तहक़ीक़ात एक कमीशन के ज़रिया करवानी चाहिए जिस की क़ियादत सुप्रीम कोर्ट के जज करते हूँ।

इस सिलसिले में बी जे पी की मुक़ामी यूनिट ने एक रुक्नी कमीशन की क़ियादत करने वाले विष्णु सहाय को एक याददाश्त पेश की जिस में यही मांग‌ किया गया है कि कमीशन की क़ियादत सुप्रीम कोर्ट के जज को करनी चाहिए जबकि दूसरी तरफ़ आर एल डी सरबराह और वज़ीर शहरी हवा बाज़ी संजय सिंह ने मुज़फ़्फ़र नगर फ़सादात‌ की तहक़ीक़ात सी बी आई के ज़रिया करवाने का मांग‌ किया क्योंकि फ़सादात‌ हुक्मराँ जमात समाजवादी पार्टी और बी जे पी की साज़िश का नतीजा था।

रियास्ती हुकूमत अपने कुछ लोगों को बचाना चाहती है लिहाज़ा इसी लिए तहक़ीक़ात सी बी आई के हवाले नहीं की जा रही है। हालाँकि हुकूमत यू पी की जानिब से एक रुक्नी कमीशन की तश्कील के बाद उसे कम-ओ-बेश 200 बयानात मौसूल होचुके हैं क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के साबिक़ जज जस्टिस विष्णु सहाय ने शाम्ली और मुज़फ़्फ़र नगर जिला के मुतास्सिरा इलाक़ों का कल दौरा किया था।

याद रहे कि फ़सादात‌ का सब से ज़्यादा मनफ़ी पहलू स्कूली तालीम का मुतास्सिर होना है। गुजिश्ता तवील अर्सा से स्कूलस मामूल के मुताबिक़ चलाए नहीं जा रहे हैं जिस से वहां ज़ेर-ए-तालीम बच्चों की पढ़ाई का नुक़्सान होरहा है। दूसरी तरफ़ शाहपूर डिस्ट्रिक्ट में एक इजतिमाई शादी का एहतिमाम किया गया जहां ऐसे 160 जोड़े रिश्ता-ए-इज़दवाज से मुंसलिक होगए जो फ़सादात‌ में बेघर होगए थे और रीलीफ़ कैंपस में ज़िंदगी गुज़ार रहे थे।

जमीय‌त उलमाए हिंद के जेनरल सेक्रेटरी मौलाना महमूद मदनी ने तमाम मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़वाया। इजतिमाई शादी की तक़रीब कल शाम की गई थी।

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