Monday , December 18 2017

मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक

OLYMPUS DIGITAL CAMERA

पटना : रियासत के तमाम नौ सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के डोक्टरों और असतिज़ा के प्राइवेट प्रैक्टिस पर सरकार रोक लगाने जा रही है. इसके एवज में उन्हें तनख्वाह के अलावा नाॅन प्रैक्टिस अलोवेन्स दिया जायेगा। सरकार ने इस सिलसिले में चीफ सेक्रेटरी सतह के अफसर विजय प्रकाश की सदारत में तशकील गैर कारोबारी अलोवेन्स पर गौर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया है. मंगल को रियासत कैबिनेट की बैठक में इस परपोजल को मंजूरी दी गयी.

साथ ही सरकार ने जिलों और ब्लाक में तैनात तमाम डाक्टरों को प्राइवेंट प्रैक्टिस की इजाज़त दे दी है. लेकिन, उन्हें नाॅन प्रैक्टिस अलावेंस नहीं मिलेगा। कैबिनेट सेक्रेटरी ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि बैठक में पहले फेज़ में मेडिकल काॅलेज अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डाॅक्टरों व अजातिज़ा के प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक लगाने और नाॅन प्रैक्टिस अलावेंस देने पर अलग से गौर करने की मंजूरी दी गयी, जबकि जिलों में तैनात तमाम किस्म के डाॅक्टर (डेंटिस्ट, आयुष व वेटनरी डाक्टर भी शामिल) को प्राइवेट प्रैक्टिस की इजाज़त दे  दी गयी है। इसके अलावा आइजीआइएमएस में मरीज़ को कम लागत पर सेहत सहुलत के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किये गये। गौरतलब है कि सरकार ने सीनियर इएएस अफसर विजय प्रकाश की सदारत में तशकील कमेटी ने दिसंबर, 2014 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी.

इस रिपोर्ट में पहले फेज़ में मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतलों में प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने की सिफारिश की गयी है। कमेटी ने दीगर रियासतों में काम करनेवाले डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस जारी रखने के साथ ही उन डॉक्टरों को एनपीए नहीं देने का सुझाव दिया था।

 

TOPPOPULARRECENT