Wednesday , June 20 2018

मेदक में उर्दू असातिज़ा की जायदादें मख़लवा

मेदक में उर्दू मीडियम स्कूलस का जाल बिछा हुआ है। चूँकि मेदक को भी उर्दू सरकारी ज़बान दोम का दर्जा हासिल है, लेकिन अमल नदारद है।

मेदक में उर्दू मीडियम स्कूलस का जाल बिछा हुआ है। चूँकि मेदक को भी उर्दू सरकारी ज़बान दोम का दर्जा हासिल है, लेकिन अमल नदारद है।

ज़िला में तक़रीबन 240 उर्दू मीडियम स्कूलस में 28 हज़ार तलबा-ओ-तालिबात ज़ेरे तालीम हैं। कई स्कूलस में पैटर्न के लिहाज़ से मज़मून वारी असातिज़ा मौजूद नहीं हैं, जिस की वजह से तलबा की तालीम मुतास्सिर हो रही है।

सालाना इमतेहानात के फ़ीसद में नताइज में भी कमी हो रही है। मयारी तालीम का फ़ुक़दान हो रहा है। मेदक में 773 असातिज़ा की निशानदेही की गई है, जबकि 215 एस जी टीज़ 80 से ज़ाइद स्कूल अस्सिटेंट की जायदादें मख़लवा हैं।

56 स्कूलस एसे हैं, जिन में एक भी मुस्तक़िल टीचर नहीं है। 16 प्राइमरी स्कूलस में सिर्फ़ एक टीचर ही मौजूद है, जिन में असातिज़ा की सख़्त ज़रूरत है।

कुछ एसे हाई स्कूलस भी हैं, जो एक उस्ताद के ज़रीये चल रहे हैं। इन स्कूलस में पैटर्न के लिहाज़ से मज़मून वारी असातिज़ा की सख़्त ज़रूरत है।

TOPPOPULARRECENT