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मेदी को देश का ठेकेदार और संघ परिवार को मुल्क को हिंदू राष्ट्र बनाने से रोकने को सामूहिक संघर्ष करना होगाः दीपांकर

मेदी को देश का ठेकेदार और संघ परिवार को मुल्क को हिंदू राष्ट्र बनाने से रोकने को सामूहिक संघर्ष करना होगाः दीपांकर

लखनउ। भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा-संघ परिवार पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि मोदी देश के प्रधान सेवक नहीं प्रधान ठेकेदार हैं। जबकि संघ परिवार वर्षों पुरानी जाति व्यवस्था बनाए रखने और देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश में है। उन्होंने इससे आजादी दिलाने पर बल देते हुए अंबेडकर के विचारों को मौजूदा समय में प्रासंगिक बताया। उन्हांेने कहा कि तानाशी से संपूर्ण आजादी व्यापक एकता, संवाद एवं संघर्ष से ही संभव है।
दीपांकर ‘अंबेडकर और आज का संदर्भ‘ विषय पर गोरखपुर में आयोजित एक संगोष्ठी में बोल रहे थे। गोष्ठी को माले का आयोजन गोरखपुर जिला ने किया था। उन्हांेने प्रधानमंत्री मोदी के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि वह हमारे आर्थिक जीवन को अमेरिका का और सामाजिक जीवन को आरएसएस का गुलाम बनाने की कोशिश में हैं। ऐसे में आज अंबेडकर अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। भाजपा और आरएसएस अंबेडकर विचारों को नष्ट कर रहे हैं। उन्हांेने कहा कि इतिहास में कांग्रेस, कम्यूनिस्ट, अंबेडकर, समाजवादी तो हैं, पर संघ-भाजपा कहीं नहीं हैं। मोदी पर कटाक्ष करते हुए दीपांकर ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक कर वह इतिहास अपने हिसाब से गढ़ने रहे हैं। इसके लिए नेहरू, गांधी, अंबेडकर को हड़पने की कोशिश हो रही है। उन्होंने अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि उनका साफ कहना था कि राष्ट्र निर्माण करना हो तो जाति को खत्म करना होगा। जबकि आरएसएस-भाजपा देश को पीछे ले जाने वाली ताकत है जो देश पर हिंदुत्व, फासीवाद और मनुवाद को थोपने के प्रयास में है। अंबेडकर जाति, सामाजिक गैरबराबरी, आर्थिक गैरबराबरी खात्मा कर आधुनिक भारत का खाका पेश करते हैं। जिनके लिए दलित और वाम ताकतें संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने रोहित की संस्थागत हत्या, उना में दलितों पर हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं के प्रतिरोध में आज बड़ा दलित वर्ग जन उभार पर है। यह जमीन, रोजगार, सम्मान जैसे बुनियादी सवाल उठा रहा है। सरकार में भागीदारी तक सीमित कर दिए गए दलित आंदोलन के इस नए उभार ने देश के सभी बुनियादी सवालों को जोड़ने का काम किया है। उन्हांेने किसानों, मजदूरों, मेहनतकशों से ब्राह्रमणवाद के खात्मे के लिए आंदोलन का आहवान किया। गोष्ठी में बोलते हुए भाकपा माले के राज्य सचिव रामजी राय ने कहा कि हमें हिंदू राष्ट्र के निर्माण के खिलाफ सामूहिक रूप से संघर्ष करना होगा।

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