Wednesday , December 13 2017

मेरठ में शव ले जाने के लिए नहीं मिली एंबुलेंस , इमरजेंसी वार्ड के बाहर गुज़ारी रात

मेरठ: अपनी बेटी को इलाज के लिए मेरठ लायी एक महिला की बेटी की मौत हो जाने पर एंबुलेंस ड्राइवर ने मृत बच्ची का शव उसके गाँव ले जाने से मना कर दिया जिसकी वजह से महिला अपनी बेटी के शव के साथ ही अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर रात गुज़ारने के लिए मजबूर होना पड़ा |

बागपत जिले की निवासी इमराना अपनी दो साल की बेटी गुलनाज़ को वायरल से पीड़ित होने पर गुरुवार की रात इलाज के लिए मेरठ के पीएल शर्मा सरकारी अस्पताल लायी थी लेकिन इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे  लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज (LLRMC) अस्पताल के लिए रेफर कर दिया | जहाँ डाक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया |

इमराना ने आरोप लगाया कि दो घंटे की दूरी पर अपने गाँव गौरीपुर जाने के लिए उसने एंबुलेंस ड्राइवर से रिक्वेस्ट की लेकिन एंबुलेंस ड्राइवर ने उसे ये कहकर मना कर दिया कि उसे दूसरे ज़िले में जाने की परमिशन नहीं है | इमराना ने कहा कि उसने जिला अस्पताल के अधिकारियों से इस सिलसिले में मदद मांगी लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया निजी एबुलेंस के ड्राइवर ने उससे 2,500 रुपये की मांग की | इमराना ने बताया कि वह अपनी बेटी के शव को लेकर इमरजेंसी वार्ड के बाहर ही रात गुज़ारी | जिसके बाद अगली सुबह वहां मौजूद लोगों ने उसके गाँव जाने के लिए निजी एंबुलेंस का इंतेज़ाम करवाया |
जिलाधिकारी, मेरठ,  जगतराज त्रिपाठी से जब इस बारे में  बात की गयी उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना मेरे संज्ञान में अभी तक नहीं आयी है । लेकिन इस बारे में जाँच का आदेश दिया जायेगा जो भी कोई दोषी होगा उसको सज़ा दी जाएगी | उन्होंने कहा कि इस बारे में सीएमओ को आदेश दिया जायेगा कि भविष्य में कोई ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए |

इससे पहले इस तरह की ही एक घटना ओडिशा और उत्तरप्रदेश के कानपुर में भी घटित हो चुकी है |
 

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