मेरी डिक्शनरी में ही नहीं है हिंदुत्व शब्द- दिग्विजय सिंह

मेरी डिक्शनरी में ही नहीं है हिंदुत्व शब्द- दिग्विजय सिंह

मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कहा कि हिंदुत्व शब्द मेरी डिक्शनरी में है ही नहीं। दरअसल, उनसे सवाल किया गया था कि क्या उन्हें लगता है कि हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव में ध्रुवीकरण होगा? इस पर उन्होंने कहा, ‘आप लोग हिंदुत्व शब्द का उपयोग क्यों करते हैं?’

इसके अलावा उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं हिंदू धर्म को मानता हूं, जो हजारों सालों से दुनिया को जीने की राह सिखाता आया है। मैं अपने धर्म को हिंदुत्व के हवाले कभी नहीं करूंगा, जो केवल और केवल राजनीतिक सत्ता पाने के लिए संघ का षडयंत्र है। मुझे अपने सनातन हिंदू धर्म पर गर्व है जो वसुदैव कुटुम्बकम की बात कहता है। संघ का हिंदुत्व जोड़ता नहीं, तोड़ता है। अपने धर्म का राजनैतिक अपहरण मैं कभी नहीं होने दूंगा। हमारे लिए हिंदू धर्म आस्था का विषय है, भगवान से हमारा निजी रिश्ता है।’

 

उन्होंने कहा कि मेरा हिंदू धर्म मेरी आस्था है। इसीलिए मैंने अपनी नर्मदा परिक्रमा का प्रचार नहीं किया, राघोगढ़ मंदिर की परम्पराओं का कभी प्रचार नहीं किया, दशकों गोवर्धन परिक्रमा और पंढरपुर दर्शन का प्रचार नहीं किया। भाजपा के लोग कब से मेरे और ईश्वर के बीच आ गए ,सर्टिफिकेट देने वाले एजेंट बन गए?

दिग्विजय के खिलाफ भाजपा ने मालेगांव बम धमाकों की आरोपी एवं कट्टर हिंदूवादी नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को खड़ा किया है।

मुंबई आतंकी हमलों में शहीद हुए एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे के खिलाफ विवादित बयान देने पर साध्वी प्रज्ञा को चुनाव आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिए जाने पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘ये बिन्दु हैं प्रज्ञा जी एवं चुनाव आयोग के बीच के। मैं कहां बीच में आ गया।’

दिग्विजय सिंह ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल किया। इस सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है और पिछले 30 साल से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। यहां 12 मई को मतदान होना है।

दिग्विजय के खिलाफ भाजपा ने मालेगांव बम धमाकों की आरोपी एवं कट्टर हिंदूवादी नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को खड़ा किया है।

मुंबई आतंकी हमलों में शहीद हुए एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे के खिलाफ विवादित बयान देने पर साध्वी प्रज्ञा को चुनाव आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिए जाने पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘ये बिन्दु हैं प्रज्ञा जी एवं चुनाव आयोग के बीच के। मैं कहां बीच में आ गया।’

दिग्विजय सिंह ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल किया। इस सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है और पिछले 30 साल से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। यहां 12 मई को मतदान होना है।

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