Thursday , August 16 2018

मेरे दो गुरु हैं, एक सोनिया जी दूसरे मनमोहन सिंह जी: राहुल गांधी

नायब सदर कांग्रेस राहुल गांधी जिन की कुछ रोज़ क़बल आर्डीनेंस पर दिए गए बयान पर बर्हम‌ हुई थी, उन्होंने शायद एहसास-ए-जुर्म के तहत अब वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह को अपना गुरु कहना शुरू कर दिया और ये भी कहा कि मौसूफ़ एक नेक नीयत के हामिल शख़्स

नायब सदर कांग्रेस राहुल गांधी जिन की कुछ रोज़ क़बल आर्डीनेंस पर दिए गए बयान पर बर्हम‌ हुई थी, उन्होंने शायद एहसास-ए-जुर्म के तहत अब वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह को अपना गुरु कहना शुरू कर दिया और ये भी कहा कि मौसूफ़ एक नेक नीयत के हामिल शख़्स हैं।

पंजाब में एक अव्वामी जलसा से ख़िताब करते हुए उन्होंने बी जे पी को भी तन्क़ीद का निशाना बनाया जिसने राहुल गांधी के आर्डीनेंस पर दिए गए मुतनाज़ा बयान पर काफ़ी वावेला मचाया था। उन्होंने वज़ाहत करते हुए कहा कि जब उन्होंने मनमोहन सिंह से आर्डीनेंस के बाद मुलाक़ात की थी, उस वक़्त उनसे कहा था कि उन्होंने (गांधी) मौसूफ़ से बहुत कुछ सीखा है।

ज़िंदगी में उनके दो गुरु हैं एक कांग्रेस सदर (सोनिया गांधी यानी राहुल की वालिदा) और दूसरे मनमोहन सिंह, पंजाबने उन्हें एक गुर फ़राहम किया। मनमोहन सिंह ने हिंदुस्तान और पंजाब के लिए जो कारहाए नुमायां अंजाम दिए वो आज तक किसी ने नहीं दिए। याद रहे कि राहुल गांधी यहां एक कैंसर हॉस्पिटल का संग-ए-बुनियाद रखने के बाद अव्वामी जलसा से मुख़ातब थे। अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि अगर नीयत ख़राब है तो कुछ नहीं होगा और अगर नीयत साफ़ है तो सब कुछ होगा।

मनमोहन सिंह एक साफ़ नीयत के शख़्स हैं। उन्होंने रियासत पंजाब और इसके किसानों की ज़बर्दस्त सताइश की और कहा कि यही वो रियासत जहां सब से ज़्यादा अनाज पैदा किया जाता है और मुल्क के दीगर हिस्सों को भी सरबराह किया जाता है। उन्होंने कहा कि हर एक को अनाज का हक़ मुल्क में पंजाब के किसानों की मेहनत के बगै़र नहीं होसकता। उन्होंने इस मौक़ा पर गुजरात से निकाल बाहर किए गए सिख किसानों की हालत-ए-ज़ार पर भी अफ़सोस का इज़हार किया।

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