Tuesday , December 12 2017

मेवा फ़रोशों को हटाने सड़क पर बल्दीया ही कचरा फेंक रही है

एक ऐसे वक़्त जब कि मर्कज़ी और रियासती हुकूमतें स्वच्छ भारत मुहिम के तहत साफ़ सफ़ाई पर ख़ुसूसी तवज्जा मर्कूज़ कर रही है। वज़ीरे आज़म, वुज़रा से लेकर आला सरकारी ओहदेदारों के हाथों में झाड़ू दिखाई दे रही है हमारे शहर में कचरे की निकासी और साफ़ सफ़ाई की बजाय पुलिस की मदद से बल्दीया अहम मुक़ाम पर कचरा डालने या फेंकने में मसरूफ़ है ये सब कुछ दरअसल गरीब मेवा फ़रोशों को उनके कारोबार से महरूम करने के लिये किया जा रहा है।

क़ारईन रीतू बाज़ार मेह्दी पटनम से मुत्तसिल बेशुमार मेवा फ़रोश जिस में हिंदू मुस्लिम सब शामिल हैं। तक़रीबन 20 बरसों से मेवा जात फ़रोख्त करते हैं। ठेला बंडियों पर कारोबार करने वाले ये लोग काफ़ी गरीब हैं और उनकी कमाई से ही उनके घर-बार चलते हैं लेकिन पता चला है कि बल्दी ओहदेदार उन्हें वहां से हटाने के लिये वहां कचरा फेंक रहे हैं उस के लिये कचरे से लदी गाड़ियां वहां ला कर उलट दी जाती हैं।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया और तंज़ीम इन्साफ़ के क़ाइदीन ने पुलिस और बल्दी ओहदेदारों को इंतिबाह दिया कि वो उनका रोज़गार छीनने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे बल्कि सेक्रेट्रीएट तक रैली निकालेंगे। धरने मुनज़्ज़म करेंगे क्यों कि ये गरीब मेवा फ़रोशों और उनके ख़ानदानों की बका का सवाल है।

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