Saturday , December 16 2017

मेहसाणा: दलित महिलाएं नहीं ले सकती कुएं से पानी

मेहसाणा। गर्मी से चिलचिलाती दोपहर में बेचाराजी गांव की कुछ महिलाएं अपने बर्तनों के साथ कुंए से कुछ कदमों की दूरी पर बैठती हैं। वे पास से गुजर रहे कुछ युवकों से कुंए से पानी निकालने का अनुरोध करती हैं पर कुछ फायदा नहीं होता। इंतजार करते-करते डेढ़ घंटा बीत जाता है, तभी एक बुजुर्ग महिला वहां आती है और कुंए से पानी निकालकर अपने बर्तन से उन महिलाओं के बर्तनों को भरने लगती है।
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पानी के इतने पास होने के बावजूद भी जाति इन दलित महिलाओं को अपनी प्यास बुझाने की इजाजत नहीं देती। 20 हजार लोगों के इस गांव में ऐसे 200 दलित परिवार हैं जो हर रोज अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी के इतने पास होने के बावजूद किसी के आने का इंतजार करते हैं। वह कुंआ जिसमें से ऊंचे घरों की महिलाएं पानी निकालती है, उसे ‘अछूत’ होने के नाते इन महिलाओं को छूने का अधिकार नहीं है।

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