Tuesday , December 12 2017

मैं कुर्बान होने को तैयार: मलाला युसुफज़ई

बर्मिंघम, 05 फरवरी: तालिबान के खतरनाक हमले के बाद ब्रिटेन में इलाज करा रही पाकिस्तानी लड़्की मलाला युसुफज़ई ने कहा है कि अगर जरुरत पड़ी तो वो फिर कुर्बान होने के लिए तैयार हैं।

बर्मिंघम, 05 फरवरी: तालिबान के खतरनाक हमले के बाद ब्रिटेन में इलाज करा रही पाकिस्तानी लड़्की मलाला युसुफज़ई ने कहा है कि अगर जरुरत पड़ी तो वो फिर कुर्बान होने के लिए तैयार हैं।

पाकिस्तान के दहशतगर्द इलाके स्वात की रहने वाली मलाला ने जिंदगी और मौत के बीच चार महीने झेलने के बाद अपने पहले पैगाम में कहा है कि पाकिस्तान में अमन और तालीम की तरक्क्की के लिए जो जरूरी होगा वो मलाला करने के लिए तैयार हैं।

मलाला ने यह सब बातें अपने वीडियो के पैगाम में कही हैं। उनके इस वीडियो पैगाम में उनके चारों तरफ दुनिया भर से आए वो पैगाम और खत पड़े हैं जिनमें उनके सेहतमंद होने के लिए दुआएं की गई है।

मलाला ने अपने वीडियों में पहले अंग्रेजी फिर उर्दू और बाद में पश्तो ज़ुबान में अपना पैगाम दिया है। मलाल अपने पैगाम में कहा कि मैं बोल सकती हूं, मैं देख सकती हूं, और दिनों-दिन बेहतर हो रही हूं, यह लोगों की दुआओं का नतीज़ा है।

मलाला ने कहा कि लोगों की दुआओं के वजह से ही उन्हें खुदा ने एक नई जिंदगी बख्शी है। मलाला ने उर्दू में बात करते हुए कहा कि मैं खुद को कुर्बान करने के लिए तैयार हूं फिर भी, मैं यह चाहती हूं कि हर एक बच्चा पढ़ाई करे और हमारे मुल्क में, बल्कि पूरी दुनिया में अमन हो। और अमन के लिए मैं फिर खुद को कुर्बान करूंगी।

मलाला ने अपने जिंदगी के बारे में बात करते हुए कहा कि मैं लोगों की खिदमत करना चाहती हूं, मैं चाहती हूं कि हर लड़की, हर बच्चा तालीम ले। इस मकसद के लिए हमने मलाला फंड बनाया है।

उन्होंने कहा मलाला फंड लड़कियों की तालीम के लिए कोशिश करेगा और अच्छे स्कूल बनाएगा। मलाला की उम्र 15 साल है और वो स्वात में तालिबान के हमले में बुरी तरह ज़ख्मी होने के बाद इस वक्त ब्रिटेन के शहर बर्मिंघम में मौजूद हैं जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

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