Wednesday , June 20 2018

मैं लखनऊ पिता और पुत्र के बीच मेल कराने आया हूं: अमर सिंह

लखनऊ: अमर सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में कहा कि मैं एक साथ पांच विचारधाराओं के साथ नहीं हूं। उन्‍होंने कहा कि मैं चोर दरवाजे से राजनीति करने का आदी नहीं हूं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति काफी क्रूर और निर्मम हैं।

उत्तर प्रदेश में अपने कारोबारी मसले पर जवाब देते हुए अमर सिंह ने कहा कि मैंने वहां एक पैसे का व्यापार नहीं किया। उसका बाद अमर सिंह ने कहा कि मैं अखिलेश की उन्‍नति में बाधक नहीं हूं। उनको यशस्वी होने का आशीर्वाद देता हूं। मैं लखनऊ इसलिए ही आया हूं कि पिता-पुत्र में मेल हो। उन्होंने कहा कि मुलायम बे-हैसियत हैं, ये सुनने की हमारी क्षमता नहीं है। अमर सिंह ने कहा कि वो जानते हैं कि संख्याबल के आधार पर किसकी क्या हैसियत है। उन्होंने कहा कि हैसियत व्यक्तित्व से बनती है। हालांकि उन्‍होंने सवालिया लहजे में यह भी जोड़ा कि शिवपाल के दागी साथी अब अखिलेश के साथ मिलकर सफेद कैसे हो गए हैं।

गौरतलब है‍ कि एक जनवरी को समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच पार्टी एक धड़े ने बगावत करते हुए अखिलेश यादव को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चुन लिया था और अमर सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया था। मुलायम सिंह को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष से बेदखल करने के सा‍थ ही शिवपाल यादव का पार्टी प्रदेश के अध्‍यक्ष का पद भी छीन लिया गया था।

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