Friday , December 15 2017

मैं हूँ आम आदमी टोपी की बोल बाला

सियासत किसी की जागीर‌ नहीं होता और ये फ़ैशन और स्टाइल से मीलों दूर है, लेकिन अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की टोपी आजकल नवाबों की नगरी लखनऊ के नौजवानों के अंदाज़ बयान का अहम हिस्सा बन गई है| इन दिनों मैं हूँ आम आदमी लिखी टोपी दारु

सियासत किसी की जागीर‌ नहीं होता और ये फ़ैशन और स्टाइल से मीलों दूर है, लेकिन अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की टोपी आजकल नवाबों की नगरी लखनऊ के नौजवानों के अंदाज़ बयान का अहम हिस्सा बन गई है| इन दिनों मैं हूँ आम आदमी लिखी टोपी दारुल-हकूमत के नौजवानों को इस क़दर पसंद आ रही है कि वो उसे शॉपिंग और सैर पर जाने के साथ- साथ कॉलेज जैसी जगहों पर भी पहन रहे हैं|

नेशनल पी जी कॉलेज के अभिषेक तेवारी कहते हैं कि टोपी पहनने के चलन तो बहुत पुराना है| तमाम अलग-अलग तरह की टोपियां नौजवानों को लुभाती रही है लेकिन अब ये चलन में तबदीली देखने को मिल रही है| गुजिश्ता वक़्त में मुख़्तलिफ़ तरह की स्पोर्टस कैप का शौकीन‌ नौजवानों में देखने को मिलता रहा है, लेकिन अब नौजवानों की पहली पसंद है, ”मैं हूँ आम आदमी ” लिखी आम गांधी टोपी है| तेवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने एहसास कराया कि आम आदमी में बहुत ताक़त होती है| वो बड़ा से बड़ा काम कर‌ सकता है|

उनकी जीत के बाद लोगों को आम आदमी कहलाने और देखने में फ़ख़र महसूस होता है| “लेटेस्ट फ़ैशन बन चुकी” मैं हूँ आम आदमी” लिखी टोपीव को लेकर नौजवानों का कहना है कि अब वो जहां भी जाऐंगे, इन टोपी को पहन कर जाऐंगे| शीया पी जी कॉलेज के आयुष‌ गुप्ता कहते हैं कि मैं और मेरे कॉलेज के तमाम दोस्त अब टोपी को घर से लगा कर निकलते हैं| हम लोग हर जगह ख़ुद को आम आदमी कह‌लाना पसंद करते हैं| लखनऊ यूनीवर्सिटी से बी एससी कर रही अपूर्वा कहती हैं कि वो तो इस टोपी को लगा कर यूनीवर्सिटी अहाते जाती हैं|

कई दीगर तालिब-ए-इल्म भी ये टोपियां लगा कर आते हैं| नौजवान सैर पर निकलते वक़्त भी इन टोपी को लगा कर अपने सैर की शान बढ़ाते हैं| अलीगंज रिहायशी हिना ऐयूब कहती हैं कि हम लोग अब तो त‌माम बस अड्डा , मैरीन ड्राईव , अंबेडकर पार्क जैसे मुक़ामात पर घूमने जाते हैं तो भी इन टोपी को लगा कर जाते हैं| दुकानदारों का ख़्याल है कि आप नई पार्टी है| इस लिए अभी तक वो इस का सामान नहीं रखते थे, लेकिन नौजवानों में आजकल इस टोपी के बढ़ते क्रेज को देखते हुए वो लोग अब मैं हूँ आम आदमी की टोपी का स्टाक रखने लगे हैं| शीला इंटरप्रेजेज के मालिक राजेश जयसवाल कहते हैं कि गुजिश्ता कुछ हफ़्तों से मैं हूँ आम आदमी लिखी टोपी की मांग काफ़ी बढ़ गई है| हर रोज़ शहर के काफ़ी नौजवान उसे ख़रीदने आते हैं|

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