Wednesday , December 13 2017

मैदाने अर्फ़ात की जदीद आलात से लैस, गुब्बारे से निगरानी

सऊदी अरब की हुकूमत ने जहां हुज्जाज व मातमरीन किराम को मनासिक की अदायगी में हर मुमकिन सहूलत की फ़राहमी का बेड़ा उठाया है वहीं अल्लाह के इन मेहमानों की देख भाल और हंगामी इमदाद के लिए पहली मर्तबा जदीद तरीन मुवासलाती साईंसी आलात के इस्

सऊदी अरब की हुकूमत ने जहां हुज्जाज व मातमरीन किराम को मनासिक की अदायगी में हर मुमकिन सहूलत की फ़राहमी का बेड़ा उठाया है वहीं अल्लाह के इन मेहमानों की देख भाल और हंगामी इमदाद के लिए पहली मर्तबा जदीद तरीन मुवासलाती साईंसी आलात के इस्तेमाल का भी फ़ैसला किया गया है।

अल अरबिया डॉट नेट के मुताबिक़ रवां मौसम हज के दौरान वायरलैस मुवासलाती निज़ाम और एच डी कैमरों से लैस गुब्बारे की मदद से मैदाने अर्फ़ात में हुज्जाज किराम की निगरानी की जाएगी। अल हरमैन अश्शरीफ़ैन के निगरां इदारे की जानिब से ये टेक्नोलोजी पहली बार इस्तेमाल की जा रही है।

जदीद मुवासलाती आलात से मुरस्सा गुब्बारे की तैयारी में शाह अब्दुल अज़ीज़ सिटी ऑफ़ साईंस वो टेक्नोलोजी को सऊदी हिलाल की मुआवनत भी हासिल थी। एक ब्यान में सिटी ऑफ़ साईंस वो टेक्नोलोजी ने कहा कि गुब्बारे की तैयारी का मक़सद जदीद मुवासलाती वायरलैस सिस्टम और कैमरों के ज़रीए 200 मीटर की बुलंदी से मैदाने अर्फ़ात में हुज्जाज किराम की नक़्ले हरकत पर नज़र रखी जाएगी।

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