Thursday , December 14 2017

मैरीनस मुआमला में इटली का खु़फ़ीया हाथ एल डी एफ

तिरुअनन्तापुरम – केराला में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने इल्ज़ाम आइद किया कि इटालवी मैरीनस की हिन्दुस्तान अदम वापसी के मामले में मौजूदा सूरत-ए-हाल के लिए मर्कज़ी और रियासती हुकूमतें ज़िम्मेदार हैं। एल डी एफ अरकान ने इस मसले पर ऐवान में एहतिजाज करते हुए वाक आउट करदिया ।

इस मसले पर तहरीक इलतिवा पेश की गई जिस पर इज़हार ख़्याल करते हुए क़ाइद अपोज़ीशन वी एस अचोता नंदन ने इल्ज़ाम आइद किया कि कांग्रेस की सदर सोनिया गांधी और इटली के एक खु़फ़ीया हाथ ने मैरीनस के हक़ में काम किया है । बाएं बाज़ू महाज़ के इल्ज़ाम की तरदीद करते हुए चीफ मिनिस्टर ओमन चंडी ने इस मामले में सोनिया गांधी का नाम घसीटने की कोशिश को बद बख्ता ना क़रार दिया ।

चंडी ने कहा कि सोनिया गांधी ने केराला हुकूमत की जानिब से किए जाने वाले तमाम इक़दामात में तआवुन किया है । उन्होंने ये इद्दिआ किया कि रियासती और मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से इस बात को यक़ीनी बनाया जाएगा कि दोनों ही इटालवी मैरीनस को बहरसूरत हिन्दुस्तान लाया जाये ताकि उनके ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चल सके ।

उन्होंने इल्ज़ाम आइद किया कि इटालवी सफ़ीर मतीना हिन्दुस्तान डानेल मांसनी सिफ़ारती असतसनी के तहत इन दोनों मैरीनस को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ताहम कहा कि सिफ़ारती असतसनी का मतलब ये नहीं है कि आप मुल्क को धोका दें या फिर उस मलकिया इन्साफ़ रसानी के निज़ाम का एहतिराम ना करें।

उन्होंने कहा कि ये मामले एसा नहीं है कि उसे सिफ़ारती ज़रीये से हल किया जा सके । उन्हें क़तल के इल्ज़ामात का हिन्दुस्तानी अदालतों में सामना करना चाहीए । उन्होंने कहा कि रियासती और मर्कज़ी हुकूमतों ने इतालवी मैरीनस को ज़मानत मंज़ूर करने की भी अदालतों में मुख़ालिफ़त की थी इस लिए अब उन पर किसी तरह का इल्ज़ाम आइद नहीं किया जा सकता।

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