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मॉडल निकाहनामा की हर कोई कर रहा है तारीफ, जानिए क्या है इसकी खासियत!

ट्रिपल तलाक मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड हैदराबाद में आयोजित होने वाले सम्मेलन में ‘मॉडल निकाहनामा’ लेकर आने वाला है, जिससे मुस्लिम पुरुषों द्वारा ट्रिपल तलाक का प्रयोग करने पर लगाम लगेगी।

इस सम्मेलन की खास बात यह होगी कि स्वागत समिति की अध्यक्षता ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी करेंगे।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट को ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर समझा पाने में असफल रहा है। हालांकि, बोर्ड का कहना है कि वह मुस्लिम पुरुषों को निकाहनामे ( इस्लामी विवाह अनुबंध) में ही यह बताएंगे कि वह ट्रिपल तलाक का प्रयोग न करें।

ट्रिपल तलाक को दंडनीय अपराध की श्रेणी में लाने के लिए लोकसभा में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को लेकर तकरीबन एक महीने पहले बिल पास हो चुका है। इसके साथ ही एआईएमपीएलबी ने हैदराबाद में 9 फरवरी और 11 फरवरी को होने वाले वार्षिक समारोह में ‘मॉडल निकाहनामा’ को लागू करने की योजना बनाई है।

इस मॉडल के जरिए दूल्हों पर कुछ ऐसी बंदिशें लगाने की तैयारी की जा रही है, जिससे वह अपनी पत्नी को ट्रिपल तलाक के जरिए तलाक न दे सकें।

बोर्ड के महासचिव मौलाना वली ने बताया, ‘एक बार इस फरमान के जारी होने के बाद नियम का उल्लंघन शरिया या मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार अवैध माना जाएगा।’

यदि व्यक्ति शादी के अनुबंध में बताए गए नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी पत्नी को तलाक देता है तो पत्नी इस अपराध के खिलाफ कोर्ट का सहारा ले सकती है।

यही नहीं, निकाहनामा को बतौर सबूत भी पेश किया जा सकता है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा उस वक्त सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है जब बिल राज्यसभा में मंजूरी के लिए फंसा हुआ है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी अकेले सांसद थे जिन्होंने लोकसभा में बिल को लेकर बहस की थी और वह इस सम्मेलन की स्वागत समिति की भी अध्यक्षता करेंगे।

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