Tuesday , December 19 2017

मॉडल रेप मामला: इब्तिदायी जांच में पारस्कर की ओर से पेशेवर चूक होने के इशारे

मुंबई की एक मॉडल से छेड़छाड़ और रेप करने के मुल्ज़िम मुअत्तल डीआईजी सुनील पारस्कर के खिलाफ सिटी पुलिस की एक इब्तिदायी जांच (पीई) में यह मालूम चला है कि मुतास्सिरा से निपटने के दौरान उनकी ओर से पेशेवर चूक हुई| इस तरह पारस्कर के लिए मु

मुंबई की एक मॉडल से छेड़छाड़ और रेप करने के मुल्ज़िम मुअत्तल डीआईजी सुनील पारस्कर के खिलाफ सिटी पुलिस की एक इब्तिदायी जांच (पीई) में यह मालूम चला है कि मुतास्सिरा से निपटने के दौरान उनकी ओर से पेशेवर चूक हुई| इस तरह पारस्कर के लिए मुसीबत और बढ़ गयी है|

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (इंतेज़ामिया) विवेक फांसलकर ने इब्तिदायी जांच की रिपोर्ट मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया को सौंपी| मारिया ने बताया, ‘‘पीई रिपोर्ट में पारस्कर की ओर से पेशेवर चूक पाई गई है|रिपोर्ट पुलिस जनरल डायरेक्टर संजीव दयाल को सौंप दी गई है|’’

मारिया ने आज बताया, ‘‘पीई करने के दौरान फांसलकर ने मुल्ज़िम, मुतास्सिरा और गवाहों के बयान रिकार्ड किए और मामले की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की तरफ से जुटाए गए दिगर सबूतों का जायज़ा लिया|’’ पुलिस ज़राये ने बताया कि डीजीपी यह रिपोर्ट वज़ीर ए दाखिला को सौंपेंगे जिसके बाद पारस्कर के खिलाफ एक डिपार्टमेंटल इंक्वायरी का हुक्म दिए जाने के इम्कान है|

पारस्कर को 26 अगस्त को मुअत्तल कर दिया गया था| बहरहाल, डीजीपी दयाल तब्सिरा करने के लिए हाज़िर नहीं हो सके| मुंबई पुलिस ने इससे पहले बलात्कार मामले की एक चल रही जांच रिपोर्ट दयाल को सौंपी थी जिन्होंने इसे रियासत की हुकूमत के पास भेज दिया था जिस पर रियासती हुकूमत ने पारस्कर को मुअत्तल कर दिया था|

पीई का हुक्म यह पता लगाने के लिए दिया गया था कि मॉडल से निपटने के दौरान पारस्कर की ओर से क्या कोई इंतेज़ामी चूक हुई थी| ज़राये के मुताबिक 25 साला मॉडल के साथ ‘दोस्ताना ताल्लुक’ रखने वाले पारस्कर ने केंद्रीय सिविल सेवा (तर्ज़ ए अमल/Conduct) के नियमों की खिलाफवर्जी की है और उनका बर्ताव अखिल भारतीय सेवा के आफीसरों की शबिया खराब करने वाला है|

पुलिस के मुताबिक पारस्कर ने माडॅल के साथ अपने दायरे इलाके से परे का दौरा किया और अपने सीनीयर आफीसरों की इजाजत लिए बगैर उससे महंगे गिफ्ट लिए| उनके बीच बाकायदा बात चीत भी होती थी| मॉडल ने जुलाई में अपनी शिकायत में इल्ज़ाम लगाया था कि 57 साला आफीसर ने दिसंबर 2013 में दो मौकों पर उससे छेड़छाड़ की और जिंसी इस्तेहसाल किया|

उसके मुताबिक वह पारस्कर से पहली बार 2012 में एक मामले के सिलसिले में मिली थी जब वह इज़ाफी पुलिस कमिश्नर थे|

बहरहाल, शहर की एक अदालत ने पारस्कर की जमानत ( पेशगी) मंजूर करते हुए कहा है कि ‘‘शिकायतगुज़ार के किरदार और उसके ईमेल से यह ज़ाहिर होता है कि यह सरगर्मी जरूर उसकी ही रजामंदी से हुई होगी|’’

TOPPOPULARRECENT