Sunday , December 17 2017

मोदी की मुखालिफत पड़ी मंहगी !

भाजपा के दो बुजुर्ग लीडर लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को नरेंद्र मोदी का इंतेखाबात से पहले मुखालिफत करना महंगा पड़ा | पीएम बनने के बाद मोदी ने अडवानी और जोशी को अपने कैबिनेट में शामिल नहीं किया |

भाजपा के दो बुजुर्ग लीडर लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को नरेंद्र मोदी का इंतेखाबात से पहले मुखालिफत करना महंगा पड़ा | पीएम बनने के बाद मोदी ने अडवानी और जोशी को अपने कैबिनेट में शामिल नहीं किया |

अब ये 2 पुराने लीडर अपनी किस्मत के साथ समझौता कर शांत हो गए है | ऐसा दिखाई देता है कि आडवाणी और जोशी ने कुबूल कर लिया है कि उनकी सियासी ज़िंदगी आखिरकार खत्म हो गयी है |

आर.एस.एस. ने पार्टी और हुकूमत दोनों में लीडरों की उम्र की हद 75 साल तक मुकर्रर की है पार्टी के लीडरो ने दावा किया है कि आडवाणी या जोशी के साथ कोई वायदा नहीं किया गया था | भाजपा के एक सीनीयर लीडर ने बताया कि न तो वज़ीर का ओहदा न ही स्पीकर का ओहदा और न ही एनडीए के चेयरपर्सन बनाने का यकीन इनको दिया गया था |

उन्हें यह बताया गया था कि पार्टी उनके तजुर्बे का फायदा ठाएगी | आडवाणी और जोशी पीएम नरेंद्र मोदी और उनके वुजराओं के हलफबरदारी की तकरीब में मौजूद थे | आडवाणी को तकरीब की पहली सफ में जगह दिया गया था जो सुबकदोश पीएम मनमोहन सिंह, साबिक पीएम ए.डी.देवगौड़ा और सभी दिगर कौमी सदरों के लिए महफूज़ थी |

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