Wednesday , December 13 2017

मोदी की मुसलमानों से हमदर्दी फर्जी और नकली है- शहजाद पुनावाला

योगी आदित्‍यनाथ, साक्षी महाराज, मंत्री साध्वी ज्योति, साध्वी प्राची, मंत्री गिरिराज सिंह, तमाम संघ परिवार के गुंडे जो गौ के नाम पर आंतक फैला रहे हैं। तमाम दंगाई जो मुसलमानों को मरवाते है, इनको तुरंत बाहर करें और इन लोगों पर केस चलाए मोदी, तब तो मुसलमान यकीन करेगा उनकी हमदर्दी पर। वर्ना इबलीस के झूठे वादों और दिलासों पर मुझे ऐतबार नहीं।
नई दिल्ली। उरी हमले के बाद देश के लोगों की नजरे केरल में होने वाले भाषण पर टिकी हुई थी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में उरी हमले को लेकर अपनी बातें कहीं। प्रधानमंत्री के भाषण में जो खास रहा, वो है अपने देश के मुसलमानों पर कही गई बातें। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लोगों से कहा कि मुसलमानों को वोट बैंक की मंडी ना समझा जाए और घृणा की बजाय अपनाया जाए। देश के मुसलमानों पर प्रधानमंत्री की कही बातों को लेकर सियासत हिंदी ने कांग्रेस के सीनियर नेता शहजाद पुनावाला से कुछ अहम सवाल किया, जिसका जवाब शहजाद पुनावाला ने बेबाक अंदाज में दिया।

‎सवाल- आज मोदी जी का मुसलमानों के लिए हमदर्दी छलका, इस पर आप की क्या प्रतिक्रिया है?

जवाब- शैतान या इबलीस ने जो हमदर्दी आदम (A.S) और बीबी हऊवा (R.A) के लिए जताई, क्या वो सच्ची और असली हमदर्दी थी या उन्हें भटकाने का एक पैंतरा? मोदी जी की यह हमदर्दी कितना असली या नकली है उसके लिए एक ही तरीका है, हम पांच हमारे पचीस कहने वाले 2002 वाले गुजरात के मोदी अपनी पार्टी से उन लोगों को निकाल दे, जो इस देश के मुसलमानों को गाली देने का काम करते हैं और देश भक्ति पर सवाल उठाते हैं।

योगी आदित्‍यनाथ, साक्षी महाराज, मंत्री साध्वी ज्योति, साध्वी प्राची, मंत्री गिरिराज सिंह, तमाम संघ परिवार के गुंडे जो गौ के नाम पर आंतक फैला रहे हैं। तमाम दंगाई जो मुसलमानों को मरवाते है, इनको तुरंत बाहर करें और इन लोगों पर केस चलाए मोदी, तब तो मुसलमान यकीन करेगा उनकी हमदर्दी पर। वर्ना इबलीस के झूठे वादों और दिलासों पर मुझे ऐतबार नहीं।

सवाल- “मुसलमानों को वोट बैंक की मंडी ना समझा जाए” यह बात कह कर शायद उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा, आप कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, कांग्रेस की तरफ से आप मीडिया में विचार रखते नज़र आते हैं, कांग्रेस इस पर क्या कहना चाहेगी?

जवाब- बिल्कुल सही कहा, मुसलमानों को वोट बैंक की मंडी ना समझा जाए। मोदी से कहिए कि मुसलमानों को गंदी सब्जी भी ना समझें, कांग्रेस और सेक्युलरिज्म पर ताना और तंज कसने से बेहतर यह बताएं, मोदी की गुजरात में शिक्षा की स्कॉलरशिप नहीं देना, गरीब मुसलमान बच्चों को और दूसरी तरफ करोड़ों रुपये गो रक्षा पर सरकारी खजाने से लुटाना, इसे क्या कहें? मोदी से एक ही बात कहूंगा, गाय भी सिर्फ दुध देती है, वोट नहीं।

सवाल- क्या वाकई मुसलमानों के लिए मोदी फिक्रमंद है या सिर्फ एक दिखावा है?

जवाब- मोदी जी कलाकार हैं, जादूगर हैं, उनके पास वो फन है। मुखौटे के पीछे अपने असली चेहरे को छुपाने का। विकास के मुखौटे से विनाश के असली चेहरे को छुपाने का, मुखौटा जब गिरता है तो असलियत सामने आती है। 2002 गुजरात दंगों में मुखौटा उतरा था, उसी से आप अंदाजा लगा लें इस सवाल के जवाब का।

सवाल- ‎बीजेपी के तरफ से जब भी मुसलमानों को लेकर बयान आता है, एक संदिग्ध अंदाज को अपनाया जाता है, जैसे राजनाथ सिंह ने कहा था कि हिन्दुस्तान के मुसलमान IS को पांव जमाने नहीं देंगी और अब मोदी जी का यह बयान की मुसलमानों को घृणा और नफरत की नज़र से ना देखें, उन्हें अपना समझें,ऐसा क्यों?

क्योंकि यह “मन की बात” नहीं है उनकी, यह सहूलियत और सियासत की बात है। उनका रुख और नजरिया हमेशा आरएसएस वाला रहा है, गोलवालकर ने कहा था “मुसलमान आंतरिक खतरा है भारत के लिए” और गोलवालकर इनके गुरु है। मोदी से कहो अगर तुम्हारी बात सच है तो गोलवालकर की किताब और आरएसएस के विचार का बहिष्कार करो। नहीं करेंगे, वो मानते हैं गुरु गोलवालकर की बात को। गोडसे है इनके मन में, गांधी का तो सिर्फ़ झूठा नाम लेते हैं। इसलिए ऐसी भाषा और सोच निकलती उनकी बातों में, मुसलमान को हमेशा आंतरिक खतरा देखने वाली।

सवाल-‎ कश्मीर में उरी हमले में मारे गए जवानों को लेकर पुरा देश आक्रोशित है और मोदी जी पाकिस्तान की जनता से बात करना चाहते हैं? आप क्या राय रखते हैं?

जवाब- पाकिस्तान में पीएम का चुनाव लड़ ले मोदी 2019 में। वहीं कई अवाम से बात करते रहें, यहां की गरीबी और बेरोजगारी पर बात करते नहीं, पाकिस्तान की गरीबी और बेरोजगारी पर तकरीर कर रहे हैं हमारे ‘इंटरनेशनल पीएम’। कश्मीर 70 से अधिक दिनों से कर्फ्यू की आग में जल रहा है और पीएम बलूचिस्तान की बात कर रहे हैं। मुद्दा भटकाने में महारत हासिल है कुछ लोगों को। बतौर विपक्ष के नाते मोदी ने कहा था, पाकिस्तान को उसकी भाषा में जवाब देंगे, दस सर लायेंगे, लव लेटर नहीं लिखेंगे और जब प्रधानमंत्री बने तो शेर- चूहे की चाल चल रहा है। नवाज शरीफ की मां के पैर छू रहे हैं, साड़ी, शॉल और मिठाई बांट रहे हैं जवानों की कब्र पर।
नौ सौ सीजफायर वॉयलेंस और ऊधमपुर गुरदासपुर हमले के बाद बीना बताए, बीना बुलाए पाकिस्तान जाकर शहीदों की मजाक उड़ा रहे हैं। दरअसल पाकिस्तान को जवाब देना या उससे निपटना मोदी के बस की बात नहीं है, यह सिर्फ एक सियासी जुमला है। नेपाल से जो ना निपट पाये, उससे हम क्या उम्मीद रखें। पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ के साथ मोदी की नूरा कुश्ती नज़र आ रही है मुझे। एक शेर है राहत इंदौरी का जो मुझे अभी याद आ रही है – “सरहदों पर तनाव है क्या? देखो तो कोई चुनाव है क्या? कभी गले मिलना, कभी गाली देना, उसूल का नहीं, सियासत का दबाव है क्या?”

एक सवाल कश्मीर पर- मन की बात में पीएम ने कहा कि हमारे राज में कश्मीर बदल रहा है। क्या मानते हैं, कश्मीर पर मोदी सरकार की नीति कहां तक कामयाब है? क्या वाकई कश्मीर बदल कर बेहतर की तरफ जा रहा है?

जवाब- कामयाबी का सबूत ये है कि जो 60 सालों में नहीं हुआ, वो आज हो रहे हैं। लगभग 80 दिनों तक कश्मीर में कर्फ्यू, पत्थर फेंकने वाले को पलैटगण से अंधा करते हैं और आतंक के सांप पालने वाले नवाज़ से “शरीफ़” होकर मिलने जाते हैं। कश्मीर में आज 90 के दशक की लौट आई है, बंदूक उठाने के लिए मजबूर हो गए हैं वहां के लोग। इसके लिए मौजूदा हुकूमत राज्य और केंद्र की दोनों जिम्मेदार नहीं है? जन्नत की जहन्नुम में तब्दील किया है। ‘हां कश्मीर बदल रहा है’!

एक अहम सवाल-  2019 करीब आ रहे हैं, आप जनता से संवाद के जरिए जुड़े हैं, जनता के बीच आपकी पैठ है, जनता कितना भरोसा कर रही है मोदी पर? आपके नज़र में यह सरकार जनता के बीच क्या लेकर जायेगी? अमित शाह तो उनके वादों पर जुमला कह कर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सोचते हैं आप?

जवाब- मोदी ने कहा था किसानों से, 50pc एमएसपी में इजाफा करूंगा, किया क्या? हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से कहा, नहीं कर सकते हैं। युवाओं से कहा हर साल 2.5 करोड़ नौकरी दूंगा, 2.5 लाख नौकरी भी नहीं दिया है। काला धन वापस लाउऊंगा, सारा काला धन तो माल्या लेकर उड़न छू हो गया। दस सर लाउऊंगा कहा था, नवाज़ की मां से साड़ी और शॉल लेकर आया। ये भारतीय जुमला पार्टी को लोग 2019 में भारतीय झूठा पार्टी करार देकर भारत से भगा देंगे! बीजेपी मुक्त भारत बन जाएगा। इसलिए मोदी और अमित शाह अब कुछ और कर रहे हैं। कमल खिलाने के लिए साम्प्रदायिक का कीचड़ फैला रहे हैं। उत्तर प्रदेश से भारत जलाओ पार्टी अपना ऐजेंडा आगे करेगी भारत पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा कर। फर्जी राष्टवाद पर डिबेट कर के लोगों को भड़काने और भटकाने का प्लान है इनका 2019 में।

एक सवाल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर- रुस ने भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास नहीं करेगा, मगर खबर है कि संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए पाकिस्तान पहुंच गई है। क्या आप इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में मोदी सरकार को विफल मानते हैं?

जवाब- जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब रुस ने अपना वादा निभाया। आज तो नेपाल मोदी को आंख दिखाता है, पुतले फूंकता है। चीन पाकिस्तान के लिए बयान देता है, 40 बिलियन डॉलर का cpec बना रहा है। चीन के सिपाही एलओसी पर पाक आर्मी को ट्रेनिंग दे रहा है, रुस पाकिस्तान को बेहतरीन हथियार बेच रहा है और मोदी का दोस्त ओबामा खुलकर हमारा साथ भी नहीं दे रहा है। मोदी जी को लगता है कि कुछ भाड़े के लोग सभी जगह भाषण पर ‘मोदी मोदी’ करते हैं और बिके हुए मीडिया चैनल ‘मोदी चालिसा’ छापते है तो वो बड़े हिरो बन गए। उनको और उनके भक्तों को अंदाजा नहीं है कि ये पीएम इतिहास में सबसे असफल और बेकार साबित होगा खासकर विदेश नीति पर। अफसोस इस बात का है कि इनके गलत नीतियों का खामियाजा हमारे देश को भुगतना पड़ेगा। अब तक भारत को जो भी सफलता मिली है एनएसजी में और अंतरराष्ट्रीय पटल पर, वो सब भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी की देन है। इतिहास मनमोहन सिंह का नाम स्वर्ण अक्षरों में और मोदी जी का नाम काले पन्नों में दर्ज करेगा।

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