Wednesday , January 24 2018

मोदी की मौजूदगी में मुतास्सरीन फ़सादाद को इंसाफ़ नामुमकिन

वाशिंगटन, 06 दिसंबर: 2002 के गुजरात फ़सादाद के दौरान अहमदाबाद में पुरतशद्दुद हुजूम के हाथों महलूक रुकन पार्लीमेंट एहसान जाफरी की बेवा ज़किया जाफरी ने अमेरीकी क़ानूनसाज़ इदारा के अरकान से कहा है कि नरेंद्र मोदी हिंदूस्तान के वज़ीर-ए-आज़म क

वाशिंगटन, 06 दिसंबर: 2002 के गुजरात फ़सादाद के दौरान अहमदाबाद में पुरतशद्दुद हुजूम के हाथों महलूक रुकन पार्लीमेंट एहसान जाफरी की बेवा ज़किया जाफरी ने अमेरीकी क़ानूनसाज़ इदारा के अरकान से कहा है कि नरेंद्र मोदी हिंदूस्तान के वज़ीर-ए-आज़म के ओहदा पर फ़ाइज़ होने की सूरत में गुजरात फ़सादाद के मुतास्सरीन को इंसाफ़ हासिल नहीं हो सकेगा।

ज़किया जाफरी ने अमेरीकी मुक़न्निना कैपिटल होल में कहा कि अगर मोदी वज़ीर-ए-आज़म बनने की कोशिशों में कामयाब हो जाते हैं तो हुसूल इंसाफ़ के लिए मेरे इलावा गुजरात फ़सादाद के दीगर लाखों मुतास्सरीन की उम्मीदें पूरी नहीं हो पायेगी ।

ज़किया जाफरी ने अमेरीकी कांग्रेस में अपने एक बयान में कहा कि मोदी के लिए नापसंदीदा शख़्स का मौक़िफ़ तब्दील करने से आप (अमेरीका) का इनकार मेरी उम्मीदों के लिए कलीदी अहमियत का हामिल है। मिसिज़ जाफरी का बयान उनके दामाद माजिद जस्टिस ने पढ़ कर सुनाया।

ज़किया जाफरी ने गुजरात फ़सादाद के मुतास्सरीन और अपनी बेटी नसरीन हुसैन की नुमाइंदगी करते हुए अमेरीकी क़ानून साज़ों और ओबामा इंतिज़ामीया से दरख़ास्त की कि वो नरेंद्र मोदी को वीज़ा जारी ना करें। मिसिज़ ज़किया जाफरी ने कहा कि में तहे दिल से ये जानती हूँ कि चीफ मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ही मेरे शौहर के ज़िम्मेदार हैं।

में जानती हूँ कि मेरे शौहर ने किस वक़्त मदद की दरख़ास्त की थी और जवाब में उनसे कहा गया था कि जाफरी तुम ख़ुद अपने ज़िम्मेदार हैं। अगर तुम अपनी जान बचा सकते हैं तो बचा लो। मिसिज़ ज़किया ने मज़ीद कहा कि मैं ये भी जानती हूँ कि हिंदूस्तानी निज़ाम अदलिया क़दर सुस्त रफ़्तार ज़रूर है लेकिन ये मुकम्मल और ज़ोर असर है।

अगर चीफ मिनिस्टर (मोदी) को उनके ओहदा से हटाया जाता तो इंसाफ़ का चक्कर मज़ीद तेज़ रफ़्तार और आज़ाद हो सकता था । मिसिज़ ज़किया ने कहा कि नरेंद्र मोदी के वीज़ा से मुताल्लिक़ अमेरीका की देरीना पॉलीसी गुजरात में जारी इंसाफ़ की जद्द-ओ-जहद में कलीदी अहमियत रखती है।

उन्होंने इल्ज़ाम आइद किया कि मोदी ने इक़तिदार से सबकदोश होने के बजाय इक्तेदार ( शासन) पर अपना गिरिफ्त को दोबाला कर दिया और मुझ से मज़लूमीन-ओ-मुतास्सरीन को इन्साफ़ रसानी में रुकावट और इंसाफ़ से महरूम रखने के लिए कोई कसर बाक़ी नहीं रखा।

नसरीन हुसैन ने पुरतशद्दुद हुजूम के हाथों अपने वालिद की हलाकत के दिन के वाक़ियात का तफ़सीली तज़किरा किया । नसरीन जो अब अमेरीकी शहरी बन चुकी हैं। मोदी को अमेरीकी वीज़ा पर इमतिना आइद करने के लिए अमेरीकी कांग्रेस के अरकान की जानिब से की गई कोशिशों की सताइश और कहा कि ये इमतिना बदस्तूर बरक़रार रखा जाना चाहीए ।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के वीज़ा से मुताल्लिक़ अमेरीका की देरीना पॉलीसी , गुजरात में हुसूल इंसाफ़ के लिए जारी जद्द-ओ-जहद में इंतिहाई अहम मुक़ाम रखती है। क़त्ल-ए-आम (नसल कुशी) के ख़िलाफ़ इत्तिहाद नामी तंज़ीम की तरफ़ से इस मौक़ा पर ख़िताब करते हुए मिस्टर हैदर मुहम्मद ख़ान ने गुजरात क़ानूनसाज़ असेंबली की एक रुकन और रियासती वज़ीर माया बेन कोडनानी को जुर्म का मुर्तक़िब क़रार दिया जाना और गुजरात के एक वज़ीर ए दाख़िला अमीत शाह को माख़ूज़ किया जाना दरअसल मोदी इंतिज़ामीया को इन वाक़ियात में माख़ूज़ किए जाने और जुर्म का मुर्तक़िब क़रार दीए जाने के मुतरादिफ़ ( बराबर) है।

मिस्टर हैदर खाँ ने कहा कि फरवरी , मार्च 2002 के दौरान हुए फ़सादाद के चंद मुट्ठी भर साज़िशियों और जुर्म के मुर्तक़िब अफ़राद को सज़ा दी गई है लेकिन इस्मत रेज़ि , क़त्ल , ग़ारतगरी , लूट मार-ओ-आतिशज़नी के वाक़ियात के ज़िम्मेदार सैंकड़ों ख़ाती आज भी सड़कों पर आज़ाद घूम रहे हैं।

क़त्ल-ए-आम के मुख़ालिफ़ इत्तिहाद के एक सरकरदा ज़िम्मेदार शेख उबैद ने कहा कि अमेरीका की जानिब से मोदी के वीज़ा की मंसूख़ी ने मोदी के कई मंसूबों पर पानी फेर दिया है जिन में वज़ारत अज़मी पर फ़ाइज़ होने का मंसूबा भी शामिल है।

TOPPOPULARRECENT