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मोदी के अमली नज़रिये की जड़ें फ़िर्कापरस्ती में पैवस्त

एक ऐसे नज़रिये पर अमल करने के लिए जिसकी जड़ें फ़िर्कापरस्ती में पैवस्त हैं, नरेंद्र मोदी और बी जे पी पर अपनी तन्क़ीद में शिद्दत पैदा करते हुए प्रियंका गांधी ने अपनी वालिदा सोनीया गांधी के लोक सभा इंतेख़ाबी हलक़े में इंतेख़ाबी मुहिम क

एक ऐसे नज़रिये पर अमल करने के लिए जिसकी जड़ें फ़िर्कापरस्ती में पैवस्त हैं, नरेंद्र मोदी और बी जे पी पर अपनी तन्क़ीद में शिद्दत पैदा करते हुए प्रियंका गांधी ने अपनी वालिदा सोनीया गांधी के लोक सभा इंतेख़ाबी हलक़े में इंतेख़ाबी मुहिम का आग़ाज़ किया। उन्होंने कहा कि आम इंतेख़ाबात दो नज़रियात के दरमियान जंग है। आप देख रहे हैं कि इन इंतेख़ाबात में दो मुतज़ाद सियासी नज़रियात एक दूसरे से मुतसादिम हैं।

एक तरफ़ कांग्रेस का नज़रिया है जो इत्तेहाद में यक़ीन रखता है। दूसरी तरफ़ एक ऐसा नज़रिया है जिस की जड़ें फ़िर्कापरस्ती में पैवस्त हैं। वो कुछ भी कहीं लेकिन हक़ीक़ी सच्चाई यही है कि वो फ़िर्कापरस्ती की तशहीर करना और अवाम को तक़सीम करना चाहते हैं। वो राही देहात में एक जल्सा-ए-आम से ख़िताब कररही थीं।

मोदी का नाम लिए बगै़र इस नज़रिये पर जिस पर वो अमल पैरा हैं, तन्क़ीद करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी तवज्जे सिर्फ़ चंद मुंख़बा अफ़राद को बरसर-ए-इक्तदार लाने पर मर्कूज़ है। प्रियंका गांधी ने कहा कि इनका नज़रिया सिर्फ़ अपनी बात सुनाने का है। लेकिन कांग्रेस तमाम फ़ैसले अपनी क़ाबिलीयत के मुताबिक़ अवाम से मुशावरत के बाद क्या करती है।

मुख़ालिफ़ीन का नज़रिया एक शख़्स के हाथों में इक़तेदार मर्कूज़ करना है। उन्होंने कहा कि इंतेख़ाब आप के हाथों में है कि आप क़ौम की तरक़्क़ी चाहते हैं या फ़िर्कापरस्ती का फ़रोग़। रासीता में जल्सा-ए-आम से ख़िताब करते हुए उन्होंने कहा था कि एक नज़रिया अवाम को बाइख़तियार बनाता है।

इस ने जितनी भी स्कीमों को शुरू की हैं, इन का मक़सद अवाम को इस्तिहकाम फ़राहम करना है। दूसरी तरफ़ दूसरा नज़रिया है जहां तमाम ताक़तें एक शख़्स के हाथ में मर्कूज़ हैं और उसकी पोलिसीयों और प्रोग्रामों का मक़सद मुट्ठी भर लोगों को बरसर-ए-इक्तदार लाना है।

ये अलाहदगी पसंद नज़रिया है। प्रियंका ने मुख़्तलिफ़ देहातों में तक़रीबन 12 आम जलसों से ख़िताब करते हुए अवाम को उनकी ज़िम्मेदारी से वाक़िफ़ करवाने की कोशिश की कि रियासतों की तामीर-ओ-मरम्मत और दीगर भाल रियासती हुकूमत की ज़िम्मेदारी है। अपोज़ीशन पार्टीयां सड़कों की अबतर हालत और सहूलतों के फ़ुक़दान को एक बड़ा मसला बनाने की कोशिश कररहे हैं।

उन्होंने देही इलाक़ों में कांग्रेस के मुख़्तलिफ़ तरक़्क़ीयाती कामों का हवाला दिया और कहा कि वो जब भी उन के दरमयान आती हैं उन्हें महसूस होता है कि वो अपनों के दरमियान हैं।

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