Friday , January 19 2018

‘मोदी के अमली नज़रिये की जड़ें फ़िर्कापरस्ती में पैवस्त’

एक एसे नज़रिये पर अमल करने के लिए जिस की जड़ें फ़िर्कापरस्ती में पैवस्त हैं, नरेंद्र मोदी और बी जे पी पर अपनी तन्क़ीद में शिद्दत पैदा करते हुए प्रियंका गांधी ने अपनी वालिदा सोनिया गांधी के लोकसभा चुनाव हलक़ा में चुनाव मुहिम का आग़ाज़ क

एक एसे नज़रिये पर अमल करने के लिए जिस की जड़ें फ़िर्कापरस्ती में पैवस्त हैं, नरेंद्र मोदी और बी जे पी पर अपनी तन्क़ीद में शिद्दत पैदा करते हुए प्रियंका गांधी ने अपनी वालिदा सोनिया गांधी के लोकसभा चुनाव हलक़ा में चुनाव मुहिम का आग़ाज़ किया। उन्होंने कहा कि आम चुनाव दो नज़रियात के दरमियान जंग है। आप देख रहे हैं कि इन चुनाव में दो मुतज़ाद सियासी नज़रियात एक दूसरे से मुतसादिम हैं।

एक तरफ़ कांग्रेस का नज़रिया है जो इत्तेहाद में यक़ीन रखता है। दूसरी तरफ़ एक एसा नज़रिया है जिस की जड़ें फ़िर्कापरस्ती में पैवस्त हैं। वो कुछ भी कहीं लेकिन हक़ीक़ी सच्चाई यही हैके वो फ़िर्कापरस्ती की तशहीर करना और अवाम को तक़सीम करना चाहते हैं।

वो राही देहात में एक जल्सा-ए-आम से ख़िताब कररही थीं। मोदी का नाम लिए बगै़र इस नज़रिये पर जिस पर वो अमल पैरा हैं, तन्क़ीद करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी तवज्जा सिर्फ़ चंद चुनेहुवे अफ़राद को बरसर-ए-इक्तदार लाने पर मर्कूज़ है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि इन का नज़रिया सिर्फ़ अपनी बात सुनाने का है। लेकिन कांग्रेस तमाम फ़ैसले अपनी क़ाबिलीयत के मुताबिक़ अवाम से मुशावरत के बाद क्या करती है।

मुख़ालिफ़ीन का नज़रिया एक शख़्स के हाथों में इक़तिदार मर्कूज़ करना है। उन्होंने कहा कि इंतिख़ाब आप के हाथों में हैके आप क़ौम की तरक़्क़ी चाहते हैं या फ़िर्कापरस्ती का फ़रोग़।

रासीता में जल्सा-ए-आम से ख़िताब करते हुए उन्होंने कहा था कि एक नज़रिया अवाम को बाइख़तियार बनाता है। इस ने जितनी भी स्कीमों शुरू की हैं, इन का मक़सद अवाम को इस्तिहकाम फ़राहम करना है।

दूसरी तरफ़ दूसरा नज़रिया है जहां तमाम ताक़तें एक शख़्स के हाथ में मर्कूज़ हैं और उस की पालिसीयों और प्रोग्रामों का मक़सद मुट्ठी भर लोगों को बरसर-ए-इक्तदार लाना है।

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