मोदी के खिलाफ राहुल को मिला आडवाणी का साथ…

मोदी के खिलाफ राहुल को मिला आडवाणी का साथ…
महज राहुल गांधी और उनकी पार्टी को ही नहीं लगता है कि बीजेपी में "वन मैन शो" बनकर रह गई है। बीजेपी जिस तरह से नरेंद्र मोदी की कियादत में मुहिम चला रही है, उससे पार्टी के सीनीयर लीडर लालकृष्ण आडवाणी भी खुश नहीं हैं। उन्होंने सीनियर लीड

महज राहुल गांधी और उनकी पार्टी को ही नहीं लगता है कि बीजेपी में “वन मैन शो” बनकर रह गई है। बीजेपी जिस तरह से नरेंद्र मोदी की कियादत में मुहिम चला रही है, उससे पार्टी के सीनीयर लीडर लालकृष्ण आडवाणी भी खुश नहीं हैं। उन्होंने सीनियर लीडरों से कहा है कि पार्टी अब “वन मैन पार्टी” की सिम्त में बढ रही है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के नायब सदर राहुल गांधी के इस इल्ज़ाम से सहमत हैं कि पार्टी में एक लीडर का गलबा है।

बीजेपी के एक लीडरने कहा कि जैसे-जैसे मोदी की मुहिम परवान चढती जा रही है, आडवाणी मुसलसल महसूस कर रहे हैं कि पार्टी एक शख्स की ओर मरकूज़ हो रही है। 27 फरवरी को बीजेपी की मरकज़ी इंतेखाबी मुहिम कमेटीइ की मीटिंग में भी आडवाणी ने इस मुद्दे पर अपना नजरिया रखा था।

इस मीटिंग में मोदी, राजनाथ सिंह और आडवाणी के साथ पार्टी के चुनिंदा सीनियर लीडर मौजूद थे। इस दौरान दिगर लीडर जहां पहली फहरिस्त के उम्मीदवारों के नाम तय करने में जुटे थे, वहीं आडवाणी ने अपनी यह बात रखी। इस दौरान मोदी, आडवाणी की बगल में बैठे थे।

इसी दौरान एक नेता ने राहुल गांधी के 24 फरवरी के हरियाणा में दिए बयान का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा को इसका जवाब देना चाहिए।

इस पर आडवाणी ने राहुल के बयान से सहमति जताते हुए कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इस पर एक दीगर लीडर ने कहा कि हमें इस बयान पर पलटवार करना चाहिए, इस पर आडवाणी ने कहा, राहुल ने जो कुछ भी कहा, उसमें कुछ गलत नहीं है। आडवाणी का इतना कहना था कि मीटिंग में असहज चुप्पी छा गई।

आडवाणी ने कहा, इंतेखाबी मुहिम मुत्तहदा के तौर पर होना चाहिए, जिसमें पार्टी के सभी बडे लीडर शामिल हों। इस वक्त सिर्फ मोदी और मोदी ही दिखाई दे रहे हैं। भीड़ खींचने में काबिल स्वराज जैसे लीडरों का क्या!

मीटिंग में मौजूद एक लीडर ने बताया कि, इसके जवाब में मोदी ने कुछ नहीं कहा और दूसरे लीडरों ने भी इस मसले पर आगे की बहस नहीं की। इसके बाद भाजपा के सदर राजनाथ सिंह ने उम्मीदवारों पर बहस करते हुए इस चुप्पी को तोडा।

भाजपा सदर ने कहा कि आडवाणी पहले भी पार्टी फोरम पर इंतेखाबी मुहिम की शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने उम्मीदवारों पर बहस शुरू कर दी। वहीं मोदी के करीबी एक लीडर ने कहा कि , आडवाणीजी मुखालिफत हैरतअंगेज़ नहीं है। वह पार्टी के पीएम कैंडीडेट बनना चाहते हैं।

ज़राये ने बताया कि आडवाणी पार्टी के लीडरों से कह रहे हैं कि, चुनाव मुहिम पार्टी के सभी सीनियर लीडरों का मुत्तहदा कोशिश होनी चाहिए। इस बार हर तरफ सिर्फ मोदी ही दिखाई दे रहे हैं। सुषमा स्वराज जैसी लीडर भी भीड़ को अपनी तरफ खींचने में काबिल हैं,
लेकिन उन लोगों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

हालांकि, भाजपा के एक पालिसीसाज़ ने कहा कि आडवाणी जी की बात को गलत हवाले से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा, हर स्टेट यूनिट सिर्फ मोदी की रैली की मांग कर रही है।

इस वक्त रैलियों में सिर्फ मोदी और राजनाथ जा रहे हैं। गौरतलब है कि मोदी और आडवाणी के रिश्ते पिछले कई महीनों से तनाव में चल रहे हैं। आडवाणी भाजपा की इंतेखाबी तशहीर का पहले भी एहतिजाज कर चुके हैं। आडवाणी ने मोदी को पीएम ओहदे का उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी छोडने की धमकी भी दी थी।

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