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मोदी के बर्थ डे पर बिहार में आकलियतों से नुमाइश

मुस्लिमों के 'मोदी मुहब्बत' की नुमाइश देखने को मिली पूर्णिया में, जहां पर बीजेपी के अक़लियती मोर्चे के प्रोग्राम में बड़ी तादाद में मुस्लिम तबके के लोग जुटे। इन लोगों ने मोदी के पैदाइश दिन का केक काटा और भाजपा के हक़ में गोलबंदी की

मुस्लिमों के ‘मोदी मुहब्बत’ की नुमाइश देखने को मिली पूर्णिया में, जहां पर बीजेपी के अक़लियती मोर्चे के प्रोग्राम में बड़ी तादाद में मुस्लिम तबके के लोग जुटे। इन लोगों ने मोदी के पैदाइश दिन का केक काटा और भाजपा के हक़ में गोलबंदी की बात कही।

बिहार में नरेंद्र मोदी के नाम पर खुद को भाजपा से अलग करने वाले नीतीश कुमार के लिए अक़लियत का ये इक़दाम चौंकाने वाला हो सकता है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी की वजह से ही भाजपा से अलग हुए थे।

पूर्णिया के आर्ट भवन हॉल में यह भीड़ जुटी है मोदी के पैदाइश दिन का जश्न मनाने। या यूं कहें मोदी यानि भाजपा के हक़ में गोलबंद होने की एक कवायद के लिए।

जब से मोदी को भाजपा के पीएम ओहदे के उम्मीदवार के तौर में प्रोजेक्ट किया गया है तब से भाजपा की यही फिक्र है कि कैसे मुस्लिम वोटरों को अपने हक़ में गोलबंद किया जाए। इसी फ़िक्र को दूर करने के लिए भाजपा अक़लियती मोर्चा ने इस प्रोग्राम का एंकाद किया और मोदी को मुस्लिमों का रहनुमा बना डाला।

बता दें कि पूर्णिया भाजपा का गढ़ रहा है। यहां के सात एसेम्बली सीटों में से चार पर भाजपा के एसेम्बली रुक्न काबिज हैं, वहीं एमपी की सीट भी भाजपा के ही खाते में है। ऐसे में मोदी के नाम पर मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण भाजपा के मुखालिफत में मुमकिन है। इसी ध्रुवीकरण को अपने हक़ में करने में भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।

पूर्णिया के एमपी उदय सिंह मानते हैं की मुस्लिमों के रहनुमा सिर्फ मोदी ही हैं और इनके ही हक़ में मुस्लिमों के तावून से आगामी लोकसभा इंतिखाबात नताइज़ आएंगे।

अब मोदी का ‘मोदी मुहब्बत’ हो या मुस्लिम का ‘मोदी मुहब्बत’ इतना तो तय है कि दिल्ली के गद्दी का सफ़र अक़लियतों के वोट से जरूर मुतासीर होगा। पूर्णिया में अक़लियतों ने मोदी के पैदाइश दिन पर इनके पोस्टर को केक का स्वाद तो चखा दिया, लेकिन क्या ये मोदी को इक़दार का स्वाद भी चखाएंगे यह बड़ा सवाल है।

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