Wednesday , January 17 2018

मोदी को क्लीन चिट नीतीश के मुंह पर तमाचा : सुशील मोदी

भाजपा के सीनियर लीडर और साबिक़ नायब वजीरे आला सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि साल 2002 के फसाद मामले में गुजरात अदालत के नरेंद्र मोदी जी को क्लीन चिट दिया जाना वजीरे आला नीतीश कुमार के मुंह पर तमाचा है और नरेंद्र मोदी के नाम पर भाजपा से इत

भाजपा के सीनियर लीडर और साबिक़ नायब वजीरे आला सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि साल 2002 के फसाद मामले में गुजरात अदालत के नरेंद्र मोदी जी को क्लीन चिट दिया जाना वजीरे आला नीतीश कुमार के मुंह पर तमाचा है और नरेंद्र मोदी के नाम पर भाजपा से इत्तिहाद तोडने वाले नीतीश को आवाम से माफी मांगनी चाहिए।

सुशील मोदी ने आज यहां सहाफ़ियों को खिताब करते हुए कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट को मंजूर करते हुए गुजरात मेट्रोपोलिटन अदालत की तरफ से साल 2002 के फसादात मामले में नरेंद्र मोदी जी को क्लीन चिट दिया जाना वजीरे आला नीतीश कुमार के मुंह पर तमाचा है और नरेंद्र मोदी के नाम पर भाजपा से गठबंधन तोडने वाले नीतीश को जनता से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा के रियासती दफ्तर में साबिक़ आईएएस अफसर आर के सिंह का आज इस्तकबाल करते हुए सुशील ने आज कहा कि जदयू के साथ वापस जाने का सवाल नहीं उठता। जदयू क़ायेदीनों के यह कहे जाने कि अदालत के उस फैसले के बावजूद नरेंद्र मोदी एक फिरका परस्त लीडर हैं सुशील ने कहा कि क्या वे अदालत के फैसले के उपर हैं?

नरेंद्र मोदी की तरफदारी करते हुए सुशील कुमार मोदी ने कहा कि एसआईटी की तशकील सुप्रीम कोर्ट ने किया था और उसमें गुजरात के कोई अफसर शामिल नहीं था और गुजरात अदालत ने साल 2002 के फसाद में उनका हाथ नहीं होने पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि साबिक़ कांग्रेस एमपी की बीवी जकिया जाफरी ने नानावती कमीशन के सामने कोई इल्ज़ाम लगाया और वाकिया के चार साल बाद इल्ज़ाम लगाया।

सुशील ने इल्ज़ाम लगाया कि सियासी सतह पर इस लडाई में हार जाने पर कांग्रेस कुछ एनजीओ तंज़िमों को नरेंद्र मोदी के खिलाफ भडकाने में लगी है। सुशील और सिंह ने रियासत हुकूमत की तरफ इस मामले की जांच किए जाने के बावजूद मर्कज़ी काबीना पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ जांच के लिए कमीशन की तशकील किए जाने की तनकीद की।

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