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मोदी को नोटिस कि दरख़ास्त कि समाअत 7 अक्तूबर को मुक़र्रर

एक मुक़ामी अदालत ने आज आम आदमी पार्टी के कारकुन की दरख़ास्त की समाअत के बारे में अपना हुक्म महफ़ूज़ कर दिया जिस में वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी को 2012 के गुजरात असेम्बली इंतेख़ाबात में नाक़िस हलफ़नामा दाख़िल करने पर नोटिस जारी करने की दरख

एक मुक़ामी अदालत ने आज आम आदमी पार्टी के कारकुन की दरख़ास्त की समाअत के बारे में अपना हुक्म महफ़ूज़ कर दिया जिस में वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी को 2012 के गुजरात असेम्बली इंतेख़ाबात में नाक़िस हलफ़नामा दाख़िल करने पर नोटिस जारी करने की दरख़ास्त की गई है।

फ़ौजदारी तरीक़ा-ए-कार क़ानून की दफ़ा 401(2) के तहत अगर असेम्बली इंतेख़ाबात के दौरान रिटर्निंग ऑफीसर को नाक़िस हलफ़नामा दाख़िल किया गया हो तो ऐसे शख़्स को मुनफ़अत बख़श ओहदे पर फ़ाइज़ रहने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। सैशन कोर्ट में पेश करदा अपनी दरख़ास्त में आम आदमी पार्टी कारकुन वर्मा ने कहा कि मजिस्ट्रेट की अदालत का हुक्मनामा बर्ख़ास्त कर दिया जाये क्योंकि इस में उन की दरख़ास्त एक साल की ताख़ीर से पेश करने पर उसे मुस्तरद कर दिया था।

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