Wednesday , December 13 2017

मोदी को मिला सुनंदा पुष्कर का साथ

जम्मू-कश्मीर की ख्वातीन के साथ रियासत के बाहर के मर्दो से शादी करने पर उनके साथ इख्तेलाफ होने के नरेंद्र मोदी के बयान पर जमकर सियासत हो रही है | इस बीच उन्हें एक ऐसे शख्स की हामीयत मिली है, जिसकी उम्मीद उन्हें कतई नहीं रही होगी | मरकज़

जम्मू-कश्मीर की ख्वातीन के साथ रियासत के बाहर के मर्दो से शादी करने पर उनके साथ इख्तेलाफ होने के नरेंद्र मोदी के बयान पर जमकर सियासत हो रही है | इस बीच उन्हें एक ऐसे शख्स की हामीयत मिली है, जिसकी उम्मीद उन्हें कतई नहीं रही होगी | मरकज़ी वज़ीर शशि थरूर की बीवी और कश्मीर की रहने वालीं सुनंदा पुष्कर ने कहा कि बाहर के शख्स से शादी करने पर रियासत में ख्वातीन के साथ इख्तेलाफ होता है और कोई कहता है कि ऐसा नहीं है तो वह झूठ बोल रहा है | इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस मसले पर किसी तरह की सियासत में नहीं पड़ना चाहती हैं |

सुनंदा पुष्कर ने अपना तजुर्बा बताते हुए कहा, 2006-07 और 2010 में मैंने जम्मू में जमीन खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन डीसी ऑफिस के आफीसरों ने मुझे बताया कि बाहर के शख्स से शादी करने की वजह से मेरा स्टेट सब्जेक्ट (शहरियत) रिन्यू नहीं हुआ है, इसलिए मैं रियासत में जमीन नहीं खरीद सकती हूं | सुनंदा ने कहा, सेक्शन 370 मौजूदा फार्मेट्स में काफी इख्तेलाफात है और इसका ज़ायज़ा लेने की जरूरत है |

सुनंदा के मुताबिक, 1992 में उन्होंने एक मलयाली से शादी की थी और शौहर की मौत के बाद वह रियासत में जमीन खरीदने गई थीं | उन्होंने आफीसरों से कहा कि उनके शौहर की मौत हो गई है और वह रियासत लौट आई हैं | लेकिन आफीसरों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया उन्होंने इस मसले को एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में और अपने ट्विटर हैंडल के जरिए भी उठाया है |

सुनंदा पुष्कर ने कहा कि इस मसले पर उन्होंने रियासत के वज़ीर ए आला उमर अब्दुल्ला से बात की थी और उन्होंने इसमें मदद करने का भरोसा दिलाया |

उन्होंने आगे कहा, हाई कोर्ट की तरफ से खातून मुखालिफ कानून में सुधार लाए जाने के बावजूद जमीनी सतह पर बदलाव नहीं आया है | उमर ने मुझे बताया कि आपको पता होगा कि कानून में बदलाव के बावजूद आपके बच्चे इन प्रापर्टी को हासिल नहीं कर सकते हैं | यह मुझे बहुत अजीब लगा |

मेरे कजिन ने महाराष्ट्र की लड़की से शादी की है और उनके दोनों बच्चे के नाम से रियासत में प्रॉपर्टी हैं सुनंदा ने कहा, वादी में हमारी पुश्तैनी जमीन है | मेरे वालिद ने मुझे कहा था कि तुम अब स्टेट सब्जेक्ट नहीं रह गई हो इसलिए अपने हिस्से की जमीन भाइयों के नाम कर दो |

थरूर की बीवी ने इस मसले पर बीजेपी पर सियासतबाजी करने का इल्ज़ाम लगाया और दबे अल्फाज़ में इसके लिए नेहरू का जिम्मेदार ठहराया | बीजेपी जब इक्तेदार में थी तो इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया उन्होंने कहा कि हो सकता है कि मेरे जबाव से मेरे शौहर चिढ़ जाएं लेकिन मैं एक कश्मीरी और खातून भी हूं |

सुनंदा ने कहा कि अगर मेरी मालूमात गलत नहीं है तो आर्टिकल-370 को धीरे-धीरे जाना था, लेकिन मुझे नहीं मालूम कि यह कैसे होना था उन्होंने कहा, नेहरू, शेख अब्दुल्ला और राजा हरि सिंह में हुए समझौते के मुताबिक यह सब हुआ | नेहरू ने कश्मीर का महकमा अपने पास रखा और सरदार पटेल वज़ीर ए दाखिला होने के बावजूद कश्मरी से अलग रहे |

TOPPOPULARRECENT