Sunday , July 22 2018

मोदी जी प्लीज़ मेरे मदरसे को ना छेड़ें : महमूद मदनी

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने मदरसों के आधुनिकीकरण की सरकारी पेशकश ठुकरा दी है. उन्होंने मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर मुस्लिम तबके के लिए उठाए क़दम पर रद्दो अमल देते हुए कहा, “मुझे उनकी मदद नहीं चाहिए.”

हालांकि मौलाना मदनी मुसलमानों के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस के लंबे हुकूमत को ज़िम्मेदार ठहराते हैं.
भारत की आज़ादी की लड़ाई के दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिंद कांग्रेस के साथ रहा था. मौलाना मदनी कहते हैं कि कांग्रेस से उन्हें अब भी हमदर्दी है लेकिन उसने मुसलमानों से खोखले वादों के सिवा कुछ नहीं किया है.

वो मानते हैं कि ‘मोदी साहेब’ अगर मुसलमानों के हमदर्द हैं तो कुछ अहम क़दम उठाएं.”मैं मानता हूँ कि वो हमदर्द हैं. तो वो मेरे लिए स्कूल बना दें. हमारे इलाके के लिए कॉलेज बना दें. मेरे यहाँ स्किल के विकास के काम करवा दें. प्लीज़ मेरे मदरसे को ना छेड़ें.”

“मेरी क़ौम ने भूखे रहकर मदरसों को बनाया है और चला रही है और मैं इसी तरह चलाऊंगा. मदरसों को उनके किसी सपोर्ट की ज़रुरत नहीं है. इसमें हाथ नहीं लगाने दूंगा.”

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