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मोदी तंग नज़र, महाराष्ट्र की मदद पर अपने ही अवाम के ख़िलाफ़ एफ़ आई आर

नरेंद्र मोदी पर तंग नज़र होने का इल्ज़ाम आइद करते हुए एन सी पी सरबराह शरद पवार ने कहा कि बी जे पी विज़ारत-ए-उज़मा उम्मीदवार की ज़ेर-ए-क़ियादत गुजरात इंतेज़ामिया ने गुज़श्ता साल महाराष्ट्र में ख़ुशकसाली से मुतास्सिरीन को राहत फ़र

नरेंद्र मोदी पर तंग नज़र होने का इल्ज़ाम आइद करते हुए एन सी पी सरबराह शरद पवार ने कहा कि बी जे पी विज़ारत-ए-उज़मा उम्मीदवार की ज़ेर-ए-क़ियादत गुजरात इंतेज़ामिया ने गुज़श्ता साल महाराष्ट्र में ख़ुशकसाली से मुतास्सिरीन को राहत फ़राहम करने पर अपने ही अवाम के ख़िलाफ़ एफ़ आई आर दर्ज किए।

मर्कज़ी वज़ीर-ए-ज़रात ने बताया कि गुज़श्ता साल ख़ुशकसाली से मुतास्सिरा इलाक़ों में गुजरात के अवाम ने मवेशीयों को चारा फ़राहम करने में महाराष्ट्र की मदद की थी। उन्होंने कहा कि हुकूमत इस मदद पर ज़िला मुह्सिना के कई अफ़राद के ख़िलाफ़ एफ़ आई आर दर्ज किया।

उन्होंने बताया कि करप्शन के इल्ज़ामात पर एफ़ आई आर दर्ज किए गए और कहा गया कि ये चारा एसे वक़्त दीगर मुक़ामात को मुंतक़िल किया गया जब गुजरात ख़ुद ख़ुशकसाली से दो-चार था। शरद पवार ने कहा कि जो लोग मुल्क चलाने का ख़ाब देख रहे हैं वो सारी रियासतों को एक ही नज़र से नहीं देखते।

इस तरह की तंग नज़री और महिदूद ज़हनीयत रखने वाले आख़िर किस तरह मुल्क चला सकेंगें? शरद पवार ने मोदी का नाम लिए बगै़र ये बात कही। उन्होंने बताया कि गुज़श्ता साल ख़ुशकसाली के दौरान गुजरात के अवाम ने महाराष्ट्र इंतेज़ामिया की जानिब से क़ायम करदा ख़ुसूसी मवेशी पनाहगाहों के लिए चारा की मदद की थी।

मुह्सिना नॉर्थ पुलिस स्टेशन में डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार नीलनदर कुमार दोषी ने ये एफ़ आई आर दर्ज कराई। इस दौरान शरद पवार ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी को मुल्क‌ की तारीख़ का भी इल्म नहीं। उन्होंने बिलखुसूस गुज़श्ता हफ़्ते मोदी के वृद्धा में ख़िताब का हवाला दिया जहां नरेंद्र मोदी ने ये दावा किया था कि विदुर्भा टाउन से चले जाओ मुहिम शुरू होनी थी जो सेवा ग्राम आश्रम के लिए भी मशहूर है।

शरद पवार ने कहा हक़ीक़त तो ये है कि ये तारीख़ी एलान अगस्त 1942 में मुंबई में वाक़्य अगस्त क्रांति मैदान से किया गया था और उस की वजह से गांधी और नहरू दोनों को जेल जाना पड़ा था। शरद पवार ने कहा कि हमारे पास विज़ारत-ए-उज़मा का एक एसा उम्मीदवार भी है जो तारीख़ से वाक़िफ़ नहीं।

शरद पवार जिन्होंने इस बार इंतेख़ाबात में हिस्सा ना लेने का फ़ैसला किया है कहा कि उनके तवील सियासी क्र्ईर में कभी एसी मिसाल देखने में नहीं आई कि इंतेख़ाबात क़रीब आते ही कोई विज़ारते-ए-उज़मा उम्मीदवार का एलान किया जा रहा हो जैसा कि बी जे पी कररही है। उन्होंने बताया कि रिवायत यही रही है कि मुंख़बा अरकान-ए-पार्लीमेंट ख़ुद अपने में से किसी एक को वज़ीर-ए-आज़म मुंतख़ब करते हैं।

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