मोदी ने अडवाणी को नजरअंदाज कर दिया

मोदी ने  अडवाणी को नजरअंदाज कर दिया
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नई दिल्ली 28 फरवरी:कौन बनेंगे राष्ट्रपति’यह सवाल अब भाजपा के आला हलक़ों में सरगर्मी के साथ ज़ेर-ए-बहस है। क्योंकि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई 2017 में समाप्त हो जाएगी जिससे पहले नए राष्ट्रपति भारत का चयन ज़रूरी है।

अब इस पद के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भाजपा के पसंदीदा उम्मीदवार हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अन्य दो महिला नेताओं के नाम भी जेरे गशत हैं जिन में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और झारखंड के राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू शामिल हैं। यहाँ यह बात भी दिलचस्प है कि बुजुर्ग नेता लालकृष्ण अडवाणी जो कभी वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक भी थे उनका नाम प्रमुख राज्य के पद के लिए विचाराधीन नहीं है।

यह नाम आरएसएस और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बातचीत के दौरान उभरे हैं लेकिन पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद ही वास्तविक नाम सामने आसकता है। 83 वर्षीय मुरली मनोहर जोशी 1944 में आरएसएस से जुड़े हुए थे जबकि इस समय उनकी उम्र सिर्फ 10 साल थी। वह 1991 में भाजपा के अध्यक्ष भी बने थे जब अयोध्या में राम मंदिर के लिए ज़ाफ़रानी जमातों की अभियान तेज़ी से बढ़ रही थी।

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