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मोदी ने किया बलूचिस्तान और ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर’ की आज़ादी का समर्थन

नई दिल्ली: सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुले तौर पर बलूचिस्तान और “पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर ‘के लिए’ आजादी ‘के समर्थन में आए और कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा |लाल किले की प्राचीर से अपने 90 मिनट से अधिक के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य आम भारतीय को सशक्त बनाना है | ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री मोदी ने बलूचिस्तान और पाक के कब्ज़े वाले कश्मीर में मानवाधिकार के उल्लंघन की बात की है |

मोदी ने पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत और पाक कब्ज़े वाले कश्मीर में हो रही ज़्यादतियों के बारे में की गयी अपनी टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया देख रही है । पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान, गिलगिट, बाल्टिस्तान के और अधिकृत कश्मीर के लोगों ने मुझे बहुत धन्यवाद दिया है। मैं उनका आभारी हूँ | मेरे लिए ये बहुत ख़ुशी की बात है |किसी भारतीय प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करने का मतलब देश की पूरी आबादी को धन्यवाद देना है मैं इसके लिए उन्हें बहुत आभार पेश करता हूँ |

मोदी ने पिछले सप्ताह कश्मीर मसले पर हुई पर एक बैठक में कहा था कि इस्लामाबाद को दुनिया को बताना चाहिए कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और बलूचिस्तान में लोगों पर क्यों अत्याचारकिया जा रहा है ? उन्होंने पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद का समर्थन करने पर निशाना साधते हुए कहा कि जब आतंकवादियों ने पेशावर में स्कूली बच्चों पर हमला किया तब सब भारतियों ने इस घटना पर दुःख व्यक्त किया था | यही भारत का नेचर है लेकिन दूसरी और कुछ लोग आतंकवादियों का महिमामंडन करते हैं ,कैसे लोग है जो लोगों की मौत पर ख़ुश होते हैं |

लाल किले से मोदी का ये तीसरी भाषण ऐसे वक़्त में आया है जब कश्मीर घाटी में जारी हिंसा और अशांति में 56 लोगों की मौत हो चुकी है इसके बावुजूद मोदी कश्मीर के सन्दर्भ में कुछ भी कहने से बचते हुए देश में एकता को खंडित करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग निर्दोष लोगों को मार रहे हैं मैं उन्हें बता देना चाहता हूँ कि देश में आतंकवाद और उग्रवाद को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा |

मोदी ने कहा कि उनके शासन का अंतिम उद्देश्य भारतीय का आर्थिक विकास के करना है उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राजग सरकार ने प्रशासन में पारदर्शिता को बढ़ावा देने और आम लोगों की ज़िन्दगी को आसन बनाने के लिए बहुत से क़दम उठाए हैं, कुछ कमियां हैं जो देश के विकास में बाधा उत्पन्न कर रही हैं |उन्होंने लोगों से देश के समग्र विकास के लिए सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का आग्रह करते हुए कहा कि “हर नागरिक को जाति और वर्ग के आधार पर समाज में मतभेद के खिलाफ लड़ना चाहिए। केवल आर्थिक विकास से विकास नहीं होगा सामाजिक सद्भाव और एकता के बिना विकास अधूरा रहेगा |हमें समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग दलितों, आदिवासियों, को साथ लेकर चलना होगा | प्रधानमंत्री ने कहा भारत में समस्याएं बहुत हैं उन्हें हल करने के लिए 1.25 अरब लोग भी  हैं।

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