Tuesday , December 12 2017

मोदी मंत्रिमंडल के 5 मंत्रियों का भविष्य अनिश्चित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम में शामिल भाजपा के 4 और तेलुगु देशम के एक मंत्री का भविष्य अनिश्चितता का सामना हो गया है, क्योंकि राज्यसभा का कार्यकाल करीब खतम है और यह भी संकेत मिला है कि कैबिनेट में जल्द फेरबदल किया जाएगा। संसदीय मामलों एम वेंकैया नायडू और उनके राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, पीयूष गोयल, मंत्री वाणिज्य निर्मला सीता रामन (सभी भाजपा) और राज्य मंत्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सूजन चौधरी (तेलुगु देशम) की राज्यसभा का कार्यकाल माह जुलाई में समाप्त हो जाएगी और उन्हें मंत्रिमंडल में बनाए लिए दोबारा चुने जाने की जरूरत है लेकिन वेंकैया नायडू, एकमात्र कैबिनेट मंत्री होंगे।

महीने जुलाई में रिटायरमेंट के तुरंत बाद कर्नाटक से फिर से निर्वाचित हो जाएंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी एस येदियुरप्पा ने भी ख़ुसूस में वेंकैया नायडू के समर्थन की घोषणा की है, जबकि उनका कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो जाएगा। भाजपा के सूत्रों ने बताया कि 66 वर्षीय नायडू ने हाल ही में नरेंद्र मोदी से कहा है कि खराब स्वास्थ्य की वजह वह सक्रिय भूमिका अदा करने में असमर्थ हैं लेकिन प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि उनकी सेवाओं की जरूरत है और अब भी कैबिनेट मंत्री के रूप में बरकरार रहेंगे।

हालांकि पार्टी के एक कोने में यह अफवाह भी है कि वेंकैया नायडू किसी राज्य का राज्यपाल बनाया जाएगा बशर्ते जब भी यह संवैधानिक पद खाली हो जाए। मुख्तार अब्बास नकवी भी उत्तर प्रदेश से फिर से चुनाव के इच्छुक हैं जहां से वह राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा पीयूष गोयल महाराष्ट्र से फिर से निर्वाचित होने की संभावना उज्ज्वल है। हालांकि निर्मला सयताजी रामन का फिर से चुनाव आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम के समर्थन पर निर्भर करता है। अगरचे आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने के मुद्दे पर तेलुगु देशम और भाजपा के बीच संबंध सुखद नहीं हैं लेकिन दोनों दलों के बीच सहमति के अनुसार राज्यसभा की एक सीट भगवा पार्टी के पक्ष में आएगी।

उम्मीद है कि निर्मला सीता रामन को फिर से चुनाव के लिए कोई बाधा पेश नहीं आएगी। एक और केंद्रीय मंत्री सूजन चौधरी का चयन भी ब आसानी हो जायेगा बशर्ते तेलुगु देशम प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू अपना मन बदल न दें कि वर्तमान में संभव नहीं दिख रहा है। इस बीच भाजपा सूत्रों ने बताया कि संसद के जारिया बैठक और 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव में पार्टी की सगाई की वजह से राज्यसभा के उम्मीदवारो‍ के नामों पर विचार अब तक शुरू नहीं किया गया। संभव है कि समय सीमा को पूरा करने के बाद कुछ मंत्रियों को दूसरे राज्यों से चयन करवाया जा सकता है। भाजपा के अन्य सांसदों कि महीने जुलाई में सेवानिवृत्त होंगे ए मनजूनाथ (कर्नाटक), वी पी सिंह भदोरे (राजस्थान), तरुण विजय (उत्तराखंड), नंद कुमार साई (छत्तीसगढ़), अनिल दावे और चंदन मित्रा ( मध्य प्रदेश)।

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