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मोदी सरकार का स्वच्छ भारत अभियान का विज्ञापन नोटों पर क्यों? आरबीआई ने जानकारी देने से किया इनकार

नई दिल्ली : सूचना के अधिकार के तहत मांगी गयी एक जानकारी के जवाब में रिजर्व बैंक ने केंद्र सरकार की मुहिमों के प्रचार समेत नोटों पर विज्ञापन छापे जाने संबंधी दिशा निर्देशों की नकल देने से इनकार कर दिया. बात दें कि मोदी सरकार ने 2000 और 500 रुपए के नए नोटों पर  ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का विज्ञापन छपवाए हैं जो मोदी सरकार का अहम योजना है।

एक पत्रकार द्वारा दायर आरटीआई आवेदन की प्रतिक्रिया में रिजर्व बैंक ने कहा- नोटों का स्वरूप, सामग्री, डिजायन और सुरक्षा फीचर ‘आरटीआई अधिनियम, 2005’ की धारा 81ए के तहत खुलासे के दायरे से बाहर है. यह धारा उन सूचनाओं को सार्वजनिक किए जाने से रोकती है जिनसे देश की एकता और स्वायत्ता, राष्ट्र की सुरक्षा, रणनीतिक, वैज्ञानिक अथवा आर्थिक हित , किसी अन्य देश से संबंध प्रभावित होते हों.
रिजर्व बैंक से उस आदेश, संवाद या सूचनापत्र की प्रति की मांग की गयी थी जिसमें 500 रुपये और 2000 रुपये के नये नोटों पर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो और ‘एक कदम स्वच्छता की ओर’ संदेश छापे जाने संबंधी निर्णय लिया गया था. यह आरटीआई आर्थिक मामलों के विभाग ने प्रतिक्रिया के लिए आरटीआई को रिजर्व बैंक के पास भेज दिया था.
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