Wednesday , June 20 2018

मोदी सरकार के चार साल में पांच लाख लोग हो गये बेरोजगार- पी चिदंबरम

कांग्रेस ने देश के आर्थिक हालातों को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला। पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने आज आरोप लगाया कि देश की यह स्थिति सरकार की नीतिगत गलतियों और गलत फैसलों के कारण पैदा हुई है।

चिदंबरम ने कृषि, जीडीपी, रोजगार सृजन, व्यापार और अर्थव्यवस्था के कुछ दूसरे मानकों के आधार पर सरकार को घेरा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मई 2014 के बाद बहुत सारी बातें की गई, लेकिन अर्थव्यवस्था की हालत खराब होती चली गई।

चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार के राज में 5 लाख लोग बेरोजगार हुए, किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुताबिक उपज के दाम नहीं मिल रहे हैं। हर किसान जानता है कि लागत से 50 फीसदी से अधिक की बात जुमला है।

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के सर्वेक्षण के मुताबिक 48 फीसदी लोगों ने माना कि अर्थव्यवस्था की हालत खराब हुई है। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से आज देश में गुस्सा है।

उन्होंने कहा कि अच्छे दिन के वादे के तहत हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया गया था, लेकिन कुछ हजार नौकरियां ही पैदा की गई। श्रम ब्यूरो के सर्वेक्षण (अक्टूबर-दिसंबर, 2017) का डेटा जारी क्यों नहीं किया है?

चिदंबरम ने कहा कि भारत में हमारी नीतिगत गलतियों और कुछ गलत कदमों की वजह से अर्थव्यवस्था की हालत खराब हुई है। उन्होंने कहा कि 2015-16 में विकास दर 8.2 फीसदी थी जो 2017-18 में घटकर 6.7 फीसदी हो गई।

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी को गलत ढंग से लागू करने की वजह आज भी कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में एनपीए 2,63,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,30,000 करोड़ रुपये हो गया तथा आगे और बढ़ेगा।

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