Thursday , December 14 2017

मोदी सरकार में बे लगाम हुये सरमायादार

सीपीआई (एमएल) के क़ौमी जेनरल सेक्रेटरी दीपंकर भट्टाचार ने कहा की बीजेपी की जीत और मरकज़ में मोदी की सरकार बन जाने के बाद बिहार सरमाया कारों और ज़रायम पेशा ताकतों का हौसला काफी बढ़ गया है और ये ताक़तें महादलितों, गरीबों, औरतों और आकलियतों

सीपीआई (एमएल) के क़ौमी जेनरल सेक्रेटरी दीपंकर भट्टाचार ने कहा की बीजेपी की जीत और मरकज़ में मोदी की सरकार बन जाने के बाद बिहार सरमाया कारों और ज़रायम पेशा ताकतों का हौसला काफी बढ़ गया है और ये ताक़तें महादलितों, गरीबों, औरतों और आकलियतों पर लगातार ज़ुल्म कर रही है। कत्ल, इस्मतदारी और रोहतास में साई राम को ज़िंदा जला कर मार डालने की बारबियत करने वाले ज़रायम पेशों को बीजेपी का तहफ्फुज हासिल है। दीपांकर जुमा को को सीपीआई (एमएल) की रियासती कमेटी की जरिये मुनक्कीद न्याय मार्च को खिताब कर रहे थे।

उन्होने सामंती और ज़रायम पेशा ताकतों से होशियार करते हुये की वो बिहार को अपनी जागीर समझने की कोशिश न करें। माज़ी में उन ताकतों को बिहार के गरीबों ने अपनी ताकतवर तहरीक के बल बूते पर पीछे धकेला था और पाने हकुक हासिल किए थे। एक बार फिर बीजेपी और उसकी सरपरस्ती में फल रही सामंती और ज़रायम पेशा ताकतों को मुंह तोड़ जवाब देने की जरूरत है। इस लिए इंसाफ और जम्हूरियत और गरीबों औटोन के हक़ के लिए सभी तरक़्क़ी पसंद ताकतों और इंसाफ पसंद शहरियों को मुत्तहिद हो कर जद्दो -जहद करनी होगी और अपना हक़ हासिल करना होगा।

उन्होने कहा की इन ताकतों का हौसला बढ़ाने के लिए जेडीयू भी कम जिम्मेदार नहीं है। उन्होने कहा की रणवीर सेना के जरिये की जा रही हलाकतो पर रोक लगाने की लिए उनकी सियासी सरप्रस्तों की शिनाख्त करने के लिए अमीर दास कमीशन की तशकील की गयी थी, लेकिन जब कमीशन अपनी रिपोर्ट सौपने वाला था, इसे तहलील कर दिया गया।

मार्च को सीपीआई (एमएल) के रियासती सेक्रेटरी कुणाल, साबिक़ एमपी रामेश्वर परसाद वगैरह ने खिताब किया सदारत पार्टी के रियासती सेक्रेटरी राजाराम ने की।

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