Thursday , December 14 2017

मोदी ग़ैर हाज़िर वज़ीर-ए-आज़म, वज़ीरे दिफ़ा और हुकूमत ग़ैर ज़िम्मेदार

कांग्रेस ने आज वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी की दिल्ली में मुसलसल ग़ैर हाज़िरी और रियासती इंतेख़ाबी मुहिम में शिरकत पर एतराज़ करते हुए कहा कि एक ऐसे वक़्त जबकि सरहद पार से जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयां जारी हैं वज़ीर-ए-आज़म की दार-उल-हकूमत में

कांग्रेस ने आज वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी की दिल्ली में मुसलसल ग़ैर हाज़िरी और रियासती इंतेख़ाबी मुहिम में शिरकत पर एतराज़ करते हुए कहा कि एक ऐसे वक़्त जबकि सरहद पार से जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयां जारी हैं वज़ीर-ए-आज़म की दार-उल-हकूमत में ग़ैरमौजूदगी क़ाबिल एतराज़ है।

वज़ीर-ए-दिफ़ा अरूण जेटली पर भी उन के इस बयान की बुनियाद पर कि अपोज़ीशन की तन्क़ीद नाक़िसमालूमात पर मबनी है, मज़म्मत करते हुए कांग्रेस ने कहा कि हमें इस मामले पर एतिमाद में नहीं लिया गया। वज़ीर-ए-आज़म और उन की हुकूमत इस मसला पर ग़ैरज़िम्मे दाराना रवैय्या इख़तियार किए हुए है।

कांग्रेस के तर्जुमान आनंद शर्मा ने कहा कि ऐसे संगीन मसले पर जो हमारी सरहद पर जारी है हमें एक ग़ैर हाज़िर वज़ीर-ए-आज़म नहीं चाहिए। वज़ीर-ए-आज़म को सिर्फ़ हर जगा और हर एक को कंट्रोल करने का ख़बत है चाहे ये वज़ीर-ए-आज़म का तरीका-ए-कार हो या कमज़ोरी दोनों सूरतों में ऐसे अहम वक़्त उन्हें दार-उल-हकूमत से ग़ैर हाज़िर नहीं रहना चाहिए।

कांग्रेस ने वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी से इलेक्शन कमीशन के इस फ़ैसले पर कि हुकूमत हरियाणा की जानिब से अराज़ी के सौदे को जिस में राबर्ट वड्रा मुलव्विस हैं इंतेख़ाबी ज़ाबता अख़लाक़ की ख़िलाफ़वरज़ी क़रार ना देते हुए उसकी मंज़ूरी दे दी है। चुनांचे नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वो कांग्रेस से माज़रत ख़्वाही करें क्योंकि उन्होंने कांग्रेस पर बेबुनियाद इल्ज़ाम तराशी की थी।

इलेक्शन कमीशन का हुक्मनामा वज़ीर-ए-आज़म और बी जे पी के चेहरे पर गंदे अंडे फेंकने के मुमासिल है। दरीं असना श्रीनगर से मौसूला इत्तेला के बमूजब सी पी आई एम ने आज मर्कज़ से मुतालिबा किया कि वो दुश्मनीयों का ख़ातमा करने और पाकिस्तान से बातचीत के अहया के लिए इक़दामात करे और दुश्मनीयों का ख़ातमा किया जाये जिस की वजह से सरहद पर मुक़ीम बेक़सूर शहरीयों की जानें ज़ाए होरही हैं।

सी पी आई एम की पोलीट ब्यूरो के रुकन सीताराम एचोरी ने एक प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए कहा कि हम मरकज़ से बार बार कह चुके हैं कि अक़्वाल पर अमल भी ज़रूरी है। सरहद पार से जम्मू-ओ-कश्मीर में शलबारी को अफ़सोसनाक क़रार देते हुए उन्होंने कहा कि सरहद पर कशीदगी एक ऐसे वक़्त पैदा हुई है जबकि रियासत तबाहकुन सैलाबों की वजह से परेशानीयों का शिकार है।

मोदी हुकूमत ने ओहदा सँभालने से पहले ही फ़र्ज़ कर लिया था कि माहौल तबदील होरहा है। हुकूमत का कहना है कि वो सरहद पर बातचीत के ज़रिए कशीदगी कम करेंगे लेकिन ताहाल कोई नताइज बरामद नहीं हुए इस लिए मोदी हुकूमत को फ़ौरी इक़दामात करने चाहिए।

बरसर-ए-इक्तदार बी जे पी ने आज अपोज़िशन की जंग बंदी की ख़िलाफ़वरज़ी जैसे हस्सास मसले पर तन्क़ीद को बद बख्ता ना क़रार देते हुए कहा कि इस तनाज़े को सियासी रंग नहीं दिया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि कई बरसों से मुल्क पर कांग्रेस ने बालिग़नज़र तरीक़ा से हुकूमत की थी। कांग्रेस को याददहानी करते हुए कि जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयां उस वक़्त भी जारी थीं जबकि कांग्रेस बरसर-ए‍‍-इक़्तेदार थी। मर्कज़ी वज़ीर और बी जे पी क़ाइद वैंकेया नायडू एक तक़रीब के मौक़े पर प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब कररहे थे।

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