मोदी ‍- शरीफ़ बातचीत में मसला-ए-कश्मीर की अदम शमूलियत अफ़सोसनाक: उमर फ़ारूक़

मोदी ‍- शरीफ़ बातचीत में मसला-ए-कश्मीर की अदम शमूलियत अफ़सोसनाक: उमर फ़ारूक़
Click for full image

नई दिल्ली: हुर्रियत कान्फ़्रेंस ने हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की जानिब से बाहमी ताल्लुक़ात को बेहतर बनाने के लिए की जाने वाली मसाई की ताईद का आजाद किया लेकिन ये इसरार भी किया कि मसला-ए-कश्मीर को नजरअंदाज़ किए जाने की सूरत में ऐसी कोई भी कोशिश बेसूद साबित होगी।

मसला-ए-कश्मीर को पाबंद वक़्त मंसूबे के तहत हल किया जाना चाहिए। कश्मीरी अलाहदगी पसंद हुर्रियत कान्फ़्रेंस के एतिदाल पसंद ग्रुप के सदर नशीन मीर वाइज़ उमर फ़ारूक़ ने कहा कि दोनों मुल्कों को चाहिए कि वो मसला-ए-कश्मीर की यकसूई के लिए ज़िमन में तदब्बुर और फ़िरासत का मुज़ाहरा करें और इस तनाज़ुर में बिलख़ुसूस वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी को वाज़िह मौक़िफ़ इख़तियार करना चाहिए ताकि मीर वाइज़ ने मज़ीद कहा कि वज़ीर-ए-आज़म मोदी को चाहिए कि वो आइन्दा नसल को फ़ायदा पहुंचाने के लिए काम करें।

मीर वाइज़ ने दोनों मुल्कों पर ज़ोर दिया कि वो लाईन आफ़ कंट्रोल पर सब्र-ओ-तहम्मुल का मुज़ाहरा करें जहां आए दिन फायरिंग के तबादले में इज़ाफ़ा हुआ है जिस के नतीजे में आम अफ़राद मुतास्सिर होरहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंद – पाक मुज़ाकरात की हम उसोली ताईद करते हैं।

दोनों मुल्कों की मुसबत मसाई की ताईद करने की ज़रूरत है। मीर वाइज़ उमर फ़ारूक़ जो पाकिस्तान के हाई कमिशनर अब्दुलबासित की तरफ़ से गुज़िश्ता साल दिल्ली में मुनाक़िदा ईद मिलन तक़रीब में शिरकत के लिए पहूंचे थे, उन से सवाल किया गया था कि रूसी शहर औफ़ा में वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी हम मंसब नवाज़ शरीफ़ की चोटी मुलाक़ात पर उनके तास्सुरात किया होसकते हैं, उमर फ़ारूक़ ने कहा कि हम ऐसी किसी भी मसाई की ताईद करते हैं जिस से दोनों मुल्कों के माबैन ताल्लुक़ात मुस्तहकम होसकते हैं, लेकिन असल एजंडा में मसला-ए-कश्मीर को शामिल ना किए जाने तक हमें ऐसी बातचीत का कोई बेहतर मुस्तक़बिल नज़र नहीं आता.. कश्मीर को नजरअंदाज़ करते हुए हिन्दुस्तान और पाकिस्तान मज़ीद पेशरफ़त नहीं करसकते।

हुर्रियत लीडर ने हालिया मोदी। शरीफ़ बातचीत में मसला-ए-कश्मीर को शामिल ना किए जाने पर नाख़ुशी का इज़हार किया और कहा कि गुज़िश्ता शाम यहां मुनाक़िदा ईद मिलन तक़रीब में इस मसले पर पाकिस्तानी हाई कमिशनर अब्दुलबासित को हुर्रियत कान्फ़्रेंस के नज़रिया से बाख़बर किया गया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंद – पाक मुज़ाकरात में मसला-ए-कश्मीर को शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि यही असल मसला है।

Top Stories