Thursday , December 14 2017

मोदी 15 वुजराओं से नाराज,मांगी सफाई

वज़ीर ए आज़म नरेंद्र मोदी अपनी हुकूमत के कुछ वुजराओं से नाराज हैं। इसकी वजह है इन वुजराओ की तरफ से हुकूमत के 100 दिन पूरे होने पर अपने वज़ारत के कामकाज का ब्योरा न देना। एक न्यूज चैनल के मुताबिक, पीएम की हिदायत के बावजूद सरकार के 100 दिन पू

वज़ीर ए आज़म नरेंद्र मोदी अपनी हुकूमत के कुछ वुजराओं से नाराज हैं। इसकी वजह है इन वुजराओ की तरफ से हुकूमत के 100 दिन पूरे होने पर अपने वज़ारत के कामकाज का ब्योरा न देना। एक न्यूज चैनल के मुताबिक, पीएम की हिदायत के बावजूद सरकार के 100 दिन पूरे होने पर कुछ वुजराओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अब तक अपने कामकाज का ब्योरा नहीं दिया है।

इन वुजराओं में डॉ. हर्षवर्धन, धर्मेंद्र प्रधान, संतोष गंगवार, हरसिमरत कौर बादल, मेनका गांधी, राधामोहन सिंह, नजमा हेपतुल्ला, राव इंन्द्रजीत सिंह, श्रीपद नाइक, उमा भारती, वीके सिंह, अनंत गीते और अंनत कुमार शामिल हैं। अब इन वुजराओं से हिदायत पर अमल न करने पर पीएम की ओर से सफाई मांगी गई है। इससे पहले मोदी ने जुमेरात को कैबिनेट की मीटिंग में अपने एक करीबी वज़ीर को खरी-खरी सुनाई थी। मोदी इस बात से नाराज थे कि वज़ीर ने अपने वज़ारत को कवर करने वाले कुछ सहाफियों को तोहफे दिए थे।

ज़राये का कहना है कि कैबिनेट मीटिंग के दौरान मोदी ने सबके सामने नाराजगी जताते हुए बाकी वुजराओं को भी सख्त हिदायत दी कि वे किसी तरह के तोहफे बांटने से बचें। बताया जाता है कि यह वज़ीर मोदी के काफी करीबी हैं। पॉलिसी और बिजनस मामलों में पकड की वजह से मोदी को इस नौजवान वज़ीर पर काफी भरोसा है। उन्हें कैबिनेट में काफी अहम चार्ज भी मिला है। फिर भी मोदी अपनी जीरो टॉलरेंस की पालिसी से नहीं हटे और इस वज़ीर को फटकार लगाई। ये तोहफे काफी मामूली थे और गुजश्ता सरकारों में इस तरह की रिवायत आम थी, लेकिन मोदी इस तर्क को मानने के लिए तैयार नहीं हुए।

ज़राये बताते हैं कि पीएम ने सबके सामने इस वज़ीर की खिंचाई करके बाकी लोगों को पैगाम देना चाहते थे कि ऐसे मामलों में उनके करीबियों को भी किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी।

TOPPOPULARRECENT