Monday , December 11 2017

मोदी Vs केजरीवालः वाराणसी में छाए मजेदार नारे

किसी भी इलेक्शन में नारों का अहम रोल होता है। ये वोटरों को तो अपने पाले में करते ही हैं और कारकुनो में जोश भरते हैं। इस बार भी नए-नए नारे गढ़े जा रहे हैं। ये नारे आवाम पर जैसे छा गए हैं। आखिरी मरहले के हिट शो वाराणसी की हवा में भी नारे

किसी भी इलेक्शन में नारों का अहम रोल होता है। ये वोटरों को तो अपने पाले में करते ही हैं और कारकुनो में जोश भरते हैं। इस बार भी नए-नए नारे गढ़े जा रहे हैं। ये नारे आवाम पर जैसे छा गए हैं। आखिरी मरहले के हिट शो वाराणसी की हवा में भी नारे खूब तैर रहे हैं। बीजेपी से पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी यहां से इलेक्शन लड़ रहे हैं तो उनके खिलाफ आम आदमी पार्टी के कंवेनर अरविंद केजरीवाल हैं।

ऐसे में दोनों लीडरों की इज़्ज़त का भी सवाल है। कुछ नारे ऐसे हैं जो खास वाराणसी के लिए ही गढ़े गए हैं। इन नारों की वजह से कभी तकरार भी होती है तो कभी जवाबी कव्वाली की तरह मुकाबला होता है।

आम आदमी पार्टी के नारे: आम आदमी पार्टी के कारकुनो ने ज्यादातर नारे सीधे नरेंद्र मोदी और केजरीवाल को ध्यान में रखकर बनाए हैं-

-‘दिल्ली में शीला हारी हैं, अब मोदी की बारी है’ यह नारा सीधे मोदी हामियों पर चोट करता है।

-‘जो केजरीवाल से डरता है, दो-दो जगह से लड़ता है’ नारा भी सीधे मोदी हामियों पर चोट करता है।

‍’करप्शन का एक ही दौर , केजरीवाल!’ ‘करप्शन का फैला जाल, साफ करेगा केजरीवाल’ करप्शन के खिलाफ केजरीवाल को हीरो के तौर पर पेश करते हैं।

-‘बाबा लड़े थे गोरों से, हम लड़ेंगे चोरों से’, ‘करप्शन पर दे झाड़ू, नस्लपरस्ती पे दे झाडू’, गुंडाराज पे दे झाडू’ जैसे नारे करप्शन पर पार्टी के नज़रिये को समझाने के लिए हैं।

-ठेठ बनारसी लोगों को आप को वोट के लिए हौसला अफ्ज़ाई करने के लिए वहीं की ज़ुबान में ‘मारा मुहरिया तान कै, झाड़ू के निशान पै’ नारा दिया जा रहा है।

-‘चाहे मामा हो या भांजा, जीजा हो या साड़ू, सब पर भारी पड़ने वाली है, आम आदमी की झाड़ू’ नारा नस्पपरस्ती के खिलाफ दिया जा रहा है।

मोदी खेमे के नारेः

नरेंद्र मोदी से जुड़ा सबसे मशहूर नारा तो ‘अबकी बार, मोदी सरकार’ ही है। इसमें कारकुन किसी भी हवाले को शामिल कर देते हैं-

-‘किसानों की हो सरकार, अबकी बार मोदी की सरकार!’ ‘युवाओं की है ललकार, अबकी बार मोदी सरकार!’

-बात-बात में नमो-नमो! खिताब भी तश्हीर का तरीका बन गया है। नमस्ते या अयोध्या आंदोलन के ‘जय श्रीराम’ की तरह बीजेपी कारकुन ‘नमो-नमो’ से इस्तेकबाल कर रहे हैं।

-‘मोदी जी आएंगे, झाडू समेत भगाएंगे’ नारा केजरीवाल हामियों को जवाब देने के लिए दिया जा रहा है।

-‘जो लड़ न सका खांसी से, वो क्या लड़ेगा काशी से’ का नारा यूथ कारकुन जगह-जगह लगा रहे हैं।

-‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ नारा भी काफी मशहूर हो रहा है। एक हामी सिर्फ ‘अच्छे दिऩ…’ बोलता है तो दूसरी ओर से आवाज आती है- ‘आने वाले हैं…’

-गांव में जिन लोगों ने मोदी का नाम सुन रखा है लेकिन चुनाव निशान नहीं मालूम, उनके लिए नारा दिया गया है-‘नरेंद्र मोदी जी की ये पहचान, कमल निशान!’

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