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मोबाइल और कंप्यूटर बनाने की तरबियत लेंगे कैदी

रांची 24 अप्रैल : बिरसा मुंडा मरकज़ी जेल, होटवार के 96 कैदियों को आर्ट ऑफ लिविंग के शख्सियत की तरक्की के मरकजी की तरफ से इलेक्ट्रीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स की तरबियत दिया जायेगा। तरबियत का फायदा सजायाफ्ता और ज़ेर-ए-गौर कैदी उठा पायेंगे।

रांची 24 अप्रैल : बिरसा मुंडा मरकज़ी जेल, होटवार के 96 कैदियों को आर्ट ऑफ लिविंग के शख्सियत की तरक्की के मरकजी की तरफ से इलेक्ट्रीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स की तरबियत दिया जायेगा। तरबियत का फायदा सजायाफ्ता और ज़ेर-ए-गौर कैदी उठा पायेंगे। कैदियों को एक साल की तरबियत दी जायगी।

तरबियत के लिए बंगलुरु से मशीन मंगायी गयी है। अहले पुर ट्रेनरों से बंदी मोबाइल, कंप्यूटर और इलेक्ट्रीक सामान की रिपेयरिंग करना सीखेंगे। जेल इंतेजामिया का मकसद है कि कैदी जेल से निकलने के बाद अपने पैरों पर खड़ा हो सके।

गौरतलब है कि एओएल के बानी श्री श्री रविशंकर भी साल 2012 में होटवार जेल आये थे। यहां उन्होंने कैदियों को मौअशरे की मरकजी से जुड़ने के लिए हौसला अफजाई की थी।

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