Friday , December 15 2017

मोर्सी की माज़ूली के लिए 20 लाख मिस्रियों की दस्तख़ती मुहिम

क़ाहिरा , 15 मई: (ए एफ़ पी) मिस्री सदर मुहम्मद मोर्सी की माज़ूली और आजलाना सदारती इंतेख़ाबात के मुतालिबे के साथ एक मुहिम में ज़ाइद अज़ दो मिलियन (20 लाख) दस्तख़तें जमा हुई हैं (gathered more than 2 million signatures across the country) |

क़ाहिरा , 15 मई: (ए एफ़ पी) मिस्री सदर मुहम्मद मोर्सी की माज़ूली और आजलाना सदारती इंतेख़ाबात के मुतालिबे के साथ एक मुहिम में ज़ाइद अज़ दो मिलियन (20 लाख) दस्तख़तें जमा हुई हैं (gathered more than 2 million signatures across the country) |

मुंतज़मीन (organizers) का कहना है कि बग़ावत की मुहिम में इस्लाम पसंद लीडर पर एतेमाद से दस्तबरदारी इख्तेयार कर लेने पर ज़ोर दिया गया है क्योंकि उन्होंने वही इंकलाब को नाकाम कर दिया जिस ने उन्हें इक़तिदार ( सत्ता/ शासन) पर पहुंचाया। दो हफ़्ते क़ब्ल क़ाहिरा के तहरीर चौराहा में इस मुहिम की शुरूआत से ज़ाइद अज़ दो मिलियन दस्तख़त जमा हो चुके हैं।

इस मुहिम के मतन में कहा गया कि चूँकि सेक्युरिटी बहाल नहीं हुई है, चूँकि ग़रीबों के लिए (समाज में) कोई मुक़ाम नहीं है, चूँकि मुझे (आम शहरी को) ख़ुद मेरा मुल्क में कोई वक़ार हासिल नहीं, इसलिए हम आप (मोर्सी) की मज़ीद बरक़रार नहीं चाहते हैं। बग़ावत मुहिम के तर्जुमान महमूद बदर ने बताया कि ये मुहिम इसलिए शुरू की गई क्योंकि सदर मौसूफ़ अब इस मुल्क का इंतिज़ाम-ओ-इंसिराम सँभालने के क़ाबिल नहीं रहे हैं।

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