Monday , December 18 2017

मोहन रेड्डी की स्पीकर लोक सभा से मुलाक़ात इस्तीफ़ा मंज़ूर करने पर ज़ोर

हैदराबाद 21 दिसंबर (सियासत न्यूज़) जगन के हामी कांग्रेस रुकन पार्लीमैंट मिस्टर ऐम राज मोहन रेड्डी ने स्पीकर लोक सभा मिसिज़ मीरा कुमार से मुलाक़ात करते हुए अपना इस्तीफ़ा क़बूल करने का मुतालिबा किया और इस्तीफ़ा के फ़ैसला पर अटल रह

हैदराबाद 21 दिसंबर (सियासत न्यूज़) जगन के हामी कांग्रेस रुकन पार्लीमैंट मिस्टर ऐम राज मोहन रेड्डी ने स्पीकर लोक सभा मिसिज़ मीरा कुमार से मुलाक़ात करते हुए अपना इस्तीफ़ा क़बूल करने का मुतालिबा किया और इस्तीफ़ा के फ़ैसला पर अटल रहने से वाक़िफ़ किराया। वाज़ेह रहे कि सी बी आई एफ़ आई आर में राज शेखर रेड्डी का नाम शामिल करने, 28 अरकान असम्बली के साथ हलक़ा लोक सभा नैलूर के रुकन पार्लीमैंट मिस्टर राज मोहन रेड्डी ने भी इस्तीफ़ा पेश करदिया था।

तेलंगाना की ताईद में कांग्रेस, तेलगु देशम और टी आर ऐस अरकान असम्बली और अरकान-ए-पार्लीमैंट ने भी इस्तीफ़ादिया था। इस वक़्त स्पीकर लोक सभा मीरा कुमार ने तमाम अरकान-ए-पार्लीमैंट के अस्तीफ़ों को मुस्तर्द करदिया था, ताहम मिस्टर राज मोहन रेड्डी के इस्तीफ़ा को इलतिवामें रखा था, इस के बावजूद वो पार्लीमैंट के सरमाई सैशन से ग़ैर हाज़िर रहे। दो दिन क़बलस्पीकर लोक सभा ने मिस्टर ऐम राज मोहन रेड्डी को उन से मुलाक़ात की हिदायत दी थी।

आज रुकन पार्लीमैंट ने दिल्ली पहुंच कर स्पीकर लोक सभा से मुलाक़ात की और अपने फ़ैसला पर अटल रहने का इद्दिआ किया और इस्तीफ़ा की मंज़ूरी पर ज़ोर दिया। बादअज़ां मीडीया से बातचीत करते हुए उन्हों ने कहा कि इस्तीफ़ा के फ़ैसला पर नज़रसानी का सवाल ही नहीं पैदा होता। वो अपने फ़ैसला पर अटल हैं और इस से स्पीकर लोक सभा कोवाक़िफ़ कराते हुए मंज़ूर करने की अपील करचुके हैं।

उन्हों ने कहा कि जिस क़ाइद नेरियासत और मर्कज़ में कांग्रेस पार्टी को बरसर-ए-इक्तदार लाने में अहम रोल अदा क्या, इस क़ाइद और इस के अरकान ख़ानदान की इसी पार्टी में इज़्ज़त-ओ-एहतिराम नहीं है, तो ख़ुद उन की इस पार्टी में क्या क़दर होगी। रियासत में मिस्टर जगन मोहन रेड्डी ही वाई ऐसआर के सुनहरे दौर को वापिस लासकते हैं। जिन का साथ देने केलिए वो तैय्यार हैं और इसी लिए कांग्रेस से दूर हो चुके हैं।

कांग्रेस के 16 अरकान असम्बली ने भी राज शेखर रेड्डी से वफ़ादारी का सबूत दिया है। इवान की रुकनीयत ख़तरे में पड़ने का अंदाज़ा होने के बाद भी अरकान असम्बली ने तहरीक अदमे इअतिमाद में हुकूमत के ख़िलाफ़ वोट दिया। हमज़िमनी इंतिख़ाबात केलिए तय्यार हैं।

TOPPOPULARRECENT