Thursday , January 18 2018

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनीवर्सिटी में इस्लाही इक़दामात

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनीवर्सिटी में नए वाइस चांसलर की हैसियत से डॉक्टर असलम परवेज़ के जायज़ा हासिल करते ही कई इस्लाही इक़दामात का आग़ाज़ हो चुका है, ताकि यूनीवर्सिटी के म्यार को बुलंद किया जा सके।

दूसरी तरफ़ साबिक़ वाइस चांसलर के करीबी अफ़राद जो मुबैयना तौर पर उनकी गैर कानूनी सरगर्मियों में मुलव्विस थे, यूनीवर्सिटी को ख़ैरबाद कह रहे हैं। डॉक्टर असलम परवेज़ ने ज़िम्मेदारी सँभालते ही यूनीवर्सिटी में डिसिप्लिन नाफ़िज़ करने पर ख़ुसूसी तवज्जा दी है , इस के इलावा वो गुज़िश्ता चंद बरसों के दौरान किए गए अहम फैसलों का जायज़ा लेने की तैयारी कर रहे हैं।

ऐसे में साबिक़ वाइस चांसलर और उनके हवारियों के लिए दुशवारकुन सूरते हाल पैदा हो सकती है जिससे बचने के लिए वो यूनीवर्सिटी से मुस्तफ़ी हो कर अपने आबाई मुक़ामात वापिस होने की तैयारी कर रहे हैं।

साबिक़ वाइस चांसलर मुहम्मद मियां के इंतिहाई बाएतेमाद रफीक प्रोफेसर ख़्वाजा एम शाहिद ने यूनीवर्सिटी के तमाम ओहदों से इस्तीफ़ा दे दिया है और कल यूनीवर्सिटी से वापिस हो रहे हैं।

बताया जाता है कि हालिया चंद बरसों में किए गए फैसलों की जांच से बचने के लिए साबिक़ वाइस चांसलर के कई हामी यूनीवर्सिटी से इस्तीफ़ा की तैयारी में हैं। नए वाइस चांसलर ने अहम ओहदों पर कारकर्द और दयानतदार अफ़राद के तक़र्रुर का फैसला किया है और बताया जाता है कि वो अपनी टीम तैयार कर रहे हैं।

रजिस्ट्रार समेत दीगर अहम ओहदों पर मौज़ूं अफ़राद का तक़र्रुर किया जाएगा। बताया जाता है कि जे ए सी के दबाव के तहत यूनीवर्सिटी के प्रॉक्टर और चीफ वार्डन को भी तब्दील कर दिया गया है।

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