Monday , December 11 2017

मौलाना आज़ाद मुमताज़ मुजाहिदे आज़ादी,बेबाक सहाफ़ी

मौलाना अबूल कलाम आज़ाद ना सिर्फ़ एक मुमताज़ मुजाहिदे आज़ादी, जय्यद आलिमे दीन, शोला ब्यान ख़तीब, बेबाक सहाफ़ी और बेबदल इंशा पर्दाज़ थे, बल्कि आज़ाद हिंदुस्तान की तारीख़ में उन जैसे क़दो क़ामत का हामिल कोई और वज़ीरे ताअलीम मिलना शायद मुम्किन

मौलाना अबूल कलाम आज़ाद ना सिर्फ़ एक मुमताज़ मुजाहिदे आज़ादी, जय्यद आलिमे दीन, शोला ब्यान ख़तीब, बेबाक सहाफ़ी और बेबदल इंशा पर्दाज़ थे, बल्कि आज़ाद हिंदुस्तान की तारीख़ में उन जैसे क़दो क़ामत का हामिल कोई और वज़ीरे ताअलीम मिलना शायद मुम्किन नहीं।

प्रोफ़ेसर हमीद ख़ान, मौलाना अबूल कलाम आज़ाद चेयर, बाबा साहेब अंबेडकर यूनीवर्सिटी, औरंगाबाद ने कल मौलाना आज़ाद नैशनल उर्दू यूनीवर्सिटी में मौलाना आज़ाद फ़ोरम बराए तख़लीक़ी फ़िक्र के इफ़्तिताही इजलास में बहैसीयत मेहमाने ख़ुसूसी इन ख़्यालात का इज़हार किया। डॉक्टर ख़्वाजा मुहम्मद शाहिद, नायब शेख़ुज्जमा ने सदारत की।

जनाब ए के मोहंती, आई पी एस, मुशीर गवर्नर तेलंगाना ने मेहमाने एज़ाज़ी की हैसियत से शिरकत की। मौलाना अबूल कलाम आज़ाद चेयर (MANUU) ने तलबा में तख़लीक़ी सलाहीयतों को प्रवान चढ़ाने की ख़ातिर इस फ़ोरम का क़ियाम अमल में लाया है। प्रोफ़ेसर आमना किशवर ने ख़ैर मक़दम किया और मेहमानों का तआरुफ़ करवाया।

जनाब मीर अय्यूब अली ख़ान, सीनियर कन्सलटेंट आज़ाद चेयर ने आज़ाद फ़ोरम के क़ियाम को आज़ाद चेयर के एक अहम मक़सद की तकमील से ताबीर किया। उन्हों ने निशानदेही की कि मौलाना आज़ाद ने बाज़ाबता तालीम हासिल नहीं की थी, इस के बावजूद वो एक हिमा पहलू इल्मी शख़्सियत के मालिक थे। अब्दुल क़ादिर मुहम्मद ने फ़ोरम के अग़राज़ और मक़ासिद ब्यान किए। अब्दुल क़ादिर सिद्दीक़ी ने तलबा के वाल मैगज़ीन जुस्तजू का तआरुफ़ पेश किया।

धर्मेन्द्र सिंह ने हिन्दी जरीदे सामवेद के ख़ुसूसी शुमारा का तआरुफ़ पेश किया, प्रोफ़ेसर शकीला ख़ानम ने जरीदे की कापी मेहमानों को पेश की। प्रोफ़ेसर एस ए वहाब भी शह नशीन पर मौजूद थे। प्रोग्राम का आग़ाज़ तालिबे इल्म उवैस की तिलावत से हुआ।

TOPPOPULARRECENT