Wednesday , December 13 2017

मौलाना महमूद मदनी और एमपी बृजेश पाठक के ठिकानों पर सीबीआइ का छापा

एलटीसी [लीव ट्रैवल कनसेशन] घोटाले में बसपा के राज्यसभा एमपी बृजेश पाठक के हरदोई व उन्नाव के रिहायशगाह पर जुमे के रोज़ सीबीआइ टीम ने छापेमारी की। इसी मामले में मौलाना महमूद मदनी पर मुकदमे से देवबंद जिला सहारनपुर में हलचल मच गई है। स

एलटीसी [लीव ट्रैवल कनसेशन] घोटाले में बसपा के राज्यसभा एमपी बृजेश पाठक के हरदोई व उन्नाव के रिहायशगाह पर जुमे के रोज़ सीबीआइ टीम ने छापेमारी की। इसी मामले में मौलाना महमूद मदनी पर मुकदमे से देवबंद जिला सहारनपुर में हलचल मच गई है। सीबीआइ टीम उनके रिहायशगाह खानकाह मोहल्ला पर धमक सकती है।

सीबीआइ टीम बृजेश पाठक के लखनऊ के रिहायशगाह पर भी पहुंची है। हरदोई में एमपी के भाई राजेश पाठक ने सीबीआइ के आने की तस्दीक की है। हरदोई में मल्लावां के गंगापुर में बृजेश पाठक का आबाई रिहायशगाह है। जहां उनके वालिद सुरेश पाठक व बड़े भाई राजेश पाठक रहते हैं।

मल्लावां में कल सुबह उनके रिहायशगाह पर एक गाड़ी से चार लोग आए और पाठक एमपी के वालिद से कुछ मालूमात हासिल की और वापस लौट गए।

दिल्ली से एमपी बृजेश पाठक ने फोन पर बताया कि सुबह उनके दिल्ली के रिहायशगाह पर भी कुछ आफीसर आए थे और उन्होंने उनसे पूछताछ की। उनका कहना है सारे इल्ज़ाम बेबुनियाद हैं। साजिश के तहत उन पर इल्ज़ाम लगाए जा रहे। उन्होंने कहा कि अभी सेशन के दौरान राज्यसभा में सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा किया था। इसी वजह सेयह कार्रवाई की जा रही।

उधर, मौलाना महमूद मदनी का इस घोटाले में नाम आने से सहारनपुर में हड़कंप मचा है। मदनी का कहना है कि मुकदमा की जानकारी उन्हें आज ही हुई है। वह पाक साफ हैं। बता दें कि मौलाना महमूद मदनी दारुल उलूम के सीनीयर उस्ताद मौलाना अरशद मदनी के भतीजे हैं।

वे रालोद के राज्यसभा मेमबर भी रहे हैं और जमीयत उलेमा-ए-हिंद (महमूद गुट) के कौमी जनरल सेक्रेटरी भी हैं।

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