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मज़हबी-भेदभाव पर इंडिगो एयरलाइन्स की सफ़ाई

1 जनवरी की रात सफ़र कर रहे मिल्ली गजट के सहाफ़ी डॉ.ज़फ़रुल इस्लाम खां के साथ इंडिगो की फ्लाइट में हुए मज़हबी-भेदभाव को ले कर इंडिगो ने सफ़ाई दी है.

इस मुआमले में इंडिगो ने पहले ट्वीट किया जिसमें उन्होंने दावा किया कि “सभी मुसाफ़िर एक जैसे हैं और हम किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करते “
इसके बाद तीन जनवरी को इंडिगो ने ट्वीट किया जिसमें कहा गया कि इंडिगो की कस्टमर रिलेशन टीम ने डॉ. ख़ान से बात की है और उन्हें बताया है कि स्टाफ़ सिर्फ़ पालिसी लागू कर रहा था.

ट्वीट में आगे कहा गया कि डॉ.ख़ान के फीडबैक पे इंडिगो गौर करेगी और किसी भी परेशानी के लिए इंडिगो दुखी है.

हालांकि इंडिगो की सफ़ाई को मिल्ली गजट ने बहुत पसंद नहीं किया और अपनी वेबसाइट में मिल्ली गजट ने बताया कि जब इंडिगो कस्टमर रिलेशन टीम ने डॉ. ख़ान से बात की थी तो स्टाफ़ ने कहा था कि वो 4 जनवरी की सुबह पहला काम यही करेंगे के लिखित में एक माफ़ी नामा दें.

मालूम हो कि लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट पर सफ़र कर रहे मिल्ली गज़ट के एडिटर डॉ. ज़फ़रुल इस्लाम को बीती रात मज़हबी प्रोफ़ाइलिंग का सामना करना पडा. फ्लाइट नंबर 6E-633 में सफ़र करने जा रहे एडिटर को लखनऊ एअरपोर्ट पर बद्सलूक़ी का सामना करना पडा.
उन्होंने बताया कि इंडिगो फ्लाइट के ग्राउंड स्टाफ़ ने उनके साथ भेदभाव वाला बर्ताव किया. उन्होंने बताया था कि सिर्फ़ उन्हीं से अपना हाथ वज़नी पैमाने पे रखने के लिए कहा गया जिसमें उनके हाथ का वज़न 10 किलो से थोड़ा ही ज़्यादा था. वो आदतन कम सामान ले कर चलने के आदि हैं इसलिए उनके पास और कोई सामान नहीं था. उनसे बताया गया कि हैण्ड बैगेज का वज़न 7 किलो से ऊपर नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि कुछ सामान जैसे लैपटॉप वो अपने हाथ में ले सकते हैं लेकिन इस पर भी स्टाफ़ राज़ी नहीं हुआ.

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