Sunday , December 17 2017

मज़हबी हिंसाओं को रोकने में नाकाम रही हिन्दुस्तान की हुकूमत : Amnesty International की रिपोर्ट

लंदन। अपनी सालाना रिपोर्ट में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि भारत का प्रशासन धार्मिक हिंसा की कई हादसों को रोकने में नाकाम रहा और कई बार Polarization वाले भाषणों के जरिए तनाव में योगदान दिया गया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई। The international human rights organization  ने साल 2015-16 के लिए जारी अपनी रिपोर्ट में दुनिया भर में हो रहे आजादी के खिलाफवर्जी और कई सरकारों द्वारा इंटरनेशनल कानून को मनमाने ढंग से तोड़ने के खिलाफ चेतावनी दी। इसमें भारत में खास आज़ादियों पर तेज़ कार्रवाई शामिल है। भारत के रेफरेंस में रिपोर्ट में कहा गया है कि कितने ही कलाकारों, लेखकों और वैज्ञानिकों ने बढ़ते असहिष्णुता के माहौल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नेशनल अवार्ड तक लौटा दिए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी नीतियों के आलोचक नागरिक समाज संगठनों पर प्रशासन ने कार्रवाई की और विदेश से मिलने वाले धन पर पाबंदी बढ़ा दिए। धार्मिक तनाव बढ़ गए और जेंडर और जाति बुनियाद पर भेदभाव और हिंसा बड़े पैमाने  पर मौजूद रही। सेंसरशिप और कट्टरपंथी हिंदू संगठनों की ओर से इज़हार की आज़ादी पर हमले बढ़े।एमनेस्टी इंडिया के कारकुन  डाइरेक्टर आकार पटेल ने कहा कि साल 2015 में, भारत ने मानवाधिकारों पर कई हमले होते देखे। सरकार ने नागरिक समाज संगठनों पर पाबंदियों को तेज़ी कर दिया। आकार पटेल ने कहा कि यहां अच्छी बात यह है कि अधिकारों के हनन का विरोध हो रहा है।

 

TOPPOPULARRECENT