मज़ालिम के ख़िलाफ़ हमने आवाज़ उठाई दलित तलबाए

मज़ालिम के ख़िलाफ़ हमने आवाज़ उठाई दलित तलबाए
Click for full image

लखनऊ: वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी के कल कौंवोकेशन से ख़िताब के दौरान जिन दो तलबा-ए-ने नारे लगाए , कहा कि उन्होंने ये इस लिए किया ताकि हैदराबाद यूनीवर्सिटी स्कालर रोहित शर्मा का जो हश्र हुआ , ऐसा किसी और दलित तालिबे-इल्म के साथ ना हो।

राम करन और अमरेंद्र कुमार आर्या को नारेबाज़ी पर गिरफ़्तार करने के बाद शख़्सी मुचल्का पर रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि दलितों पर मुबय्यना मज़ालिम के ख़िलाफ़ उन्होंने आवाज़ उठाई।

हम बाबा साहिब अंबेडकर के पैरौ हैं और दस्तूर और क़ानून के तालिबे-इल्म हैं। एक दलित तालिब-इल्म ने हैदराबाद में ख़ुदकुशी की। तलबाए की इस अंदाज़ में मौत नहीं होनी चाहिए और ईसी लिए हमने नारे लगाए|

Top Stories