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यकसाँ सिविल कोड के नाम पर आरएसएस नज़रियात मुसल्लत करने की कोशिश: जय राम रमेश

हैदराबाद 28 जुलाई: सीनीयर कांग्रेस लीडर जय राम रमेश ने यकसाँ सिविल कोड के नफ़ाज़ के मुतालिबे को अमलन ख़वातीन पर हिंदू पर्सनल लॉ और आरएसएस के नज़रियात मुसल्लत करने की कोशिश क़रार दिया।

उन्होंने इस मसले के ताल्लुक़ से कहा कि ख़वातीन को भी मर्दों के मसावी हुक़ूक़ मिलने चाहीए। इस उसूल की बुनियाद पर अगर हम शुरूआत करें और तमाम ख़वातीन को मसावी हुक़ूक़ दिए जाएं, उनके साथ शादी, तलाक़, विरासत के मुआमले में कोई इमतियाज़ी सुलूक रवाना रखा जाये। उन्होंने कहा कि अगर हम इस बुनियादी उसूल पर अमल करले तो एक अच्छी शुरूआत हो सकती है।

वाज़िह रहे कि डिपार्टमेंट आफ़ लीगल अफेयर्स ने जून में लॉ कमीशन से यकसाँ सिविल कोड के बारे में रिपोर्ट तलब की थी। जय राम रमेश ने कहा कि यकसाँ सिविल कोड दरअसल हिंदू पर्सनल लॉके नफ़ाज़ की अमलन कोशिश है जबकि ये हिंदू पर्सनल मुख़ालिफ़ ख़वातीन क़ानून है और उसे अब ज़्यादा से ज़्यादा मुवाफ़िक़ ख़वातीन बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर हिंदू पर्सनल लॉ को मुवाफ़िक़ ख़वातीन समझा जाये तो ये हक़ीक़त के बरअक्स होगा।

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