यमन का अलहुदैदा प्रांत मानव त्रासदी के मुहाने पर

यमन का अलहुदैदा प्रांत मानव त्रासदी के मुहाने पर
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यमन में संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवीय मामलों के समन्वयकर्ता ने अभी हाल ही में घोषणा की थी कि यमन में आम नागरिकों की हालत बहुत ही दयनीय होती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ की अधिकारी लेज़े ग्रेन्डी ने अलहुदैदा पर सऊदी गठबंधन के पाश्विक हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलहुदैदा बंदरगाह के नागरिक, सऊदी अरब और उसके घटकों के हवाई हमलों से बहुत अधिक भयभीत हैं।

उन्होंने इससे पहले भी सचेत किया था कि अलहुदैदा में मानवीय त्रासदी पैदा हो सकती है। उनका कहना था कि अलहुदैदा बंदरगाह और उसके आसपास के शहरों में सैकड़ों आम नागरिक भुखमरी का शिकार हो गये हैं।

गत 13 जून से सऊदी अरब ने यमन के अलहुदैदा बंदरगाह पर क़ब्ज़े का प्रयास आरंभ कर दिया है क्योंकि यह बंदरगाह यमन में खाद्य सामाग्री और दवा पहुंचाने का एक मात्र मार्ग है।

सऊदी अरब की घेराबंदी और हमलों की वजह से यमन में मानव त्रासदी उत्पन्न हो गयी  है और कुपोषण और भुखमरी से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

सऊदी अरब ने 26 मार्च से यमन पर हमले के साथ साथ इस देश की ज़मीनी, हवाई और समुद्री नाकाबंदी कर रखी है।

 

यमन पर सऊदी अरब के हमलों में अब तक 14000 से ज़्यादा यमनी नागरिक हताहत, दसियों हज़ार घायल और दसियों लाख बेघर हुए हैं।

सऊदी अरब के अतिक्रमण के नतीजे में यमन को खाद्य और दवाओं के गंभीर संकट का सामना है।

सऊदी अरब और उसके घटक यमन पर व्यापक स्तर पर हमले के बावजूद, यमनी जनता के प्रतिरोध की वजह से अपना लक्ष्य नहीं साध पाए हैं।

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