Friday , September 21 2018

यरुशलम में अमेरिकी दूतावास मुस्लिमों और इस्लामिक देशों के इतिहास में खूनी सोमवार के रूप में दर्ज होगा- तुर्की

हाल ही में अमेरिका ने अपना नया दूतावास यरूशलम में खोला है. जिसके कारण तुर्की ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के फैसले के विरोध के तौर पर अमेरिका व इजरायल से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है। यहाँ के एक समाचार पत्र के अनुसार उप प्रधानमंत्री बकिर बोजदाग ने अंकारा में कैबिनेट की एक बैठक के बाद कहा, तुर्की ने तेल अवीव व वाशिंगटन के राजदूतों को परामर्श के लिए वापस बुला लिया है।

बता दें कि इजरायली सुरक्षा बलों ने सोमवार को गाजा सीमा पर हुए भारी विरोध प्रदर्शन के दौरान 55 फिलिस्तीनियों को मार गिराया था. राष्ट्रपति ने दोहराया कि इजरायल एक आतंकवादी राष्ट्र है।

एर्दोगन ने इन हत्याओं को नरसंहार बताया। उन्होंने कहा कि 18 मई को इंस्ताबुल में एकजुटता के प्रतीक के तौर पर एक बड़ी रैली आयोजित होनी है।

इसके आगे उप प्रधानमंत्री बकिर बोजदाग ने बताया कि आज का दिन मुस्लिमों व इस्लामिक देशों के इतिहास में खूनी सोमवार के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जेरूसलम में दूतावास खोलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के निर्णयों का उल्लंघन किया है।

इस बीच, राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने सोमवार को कहा कि देश ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया है। एडरेगन ने लंदन में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, हम अपने फिलिस्तीनी भाइयों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने लिए कल से तीन दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित करते हैं।

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